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- ट्रैफिक पुलिस ने तीसरी आंख से चौकसी बढ़ाई
- पांच महीने में 14,372 चालकों को नोटिस, शहर और हाईवे पर हाईटेक कैमरों से हो रही निगरानी
- स्टंट, ओवरस्पीड और रील बनाने वालों पर भी कार्रवाई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 10 जून। सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग करने वालों पर बिलासपुर ट्रैफिक पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। इसके लिए शहर और राष्ट्रीय राजमार्गों पर हाईटेक कैमरों तथा स्पीड डिटेक्शन उपकरणों से मदद ली जा रही है। जनवरी से मई 2026 के बीच ओवरस्पीड, लापरवाही और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने वाले 14,372 चालकों के खिलाफ कार्रवाई कर नोटिस जारी किए गए हैं।
डीआईजी एवं एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के मार्गदर्शन में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं के अधिकांश मामलों में तेज रफ्तार, लापरवाह ड्राइविंग और नशे की हालत में वाहन चलाना प्रमुख कारण बनते हैं। इसी वजह से ऐसे चालकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर इंटरसेप्टर वाहन, स्पीड रडार गन और स्पीडोमीटर के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है। वहीं शहर के भीतर आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) से जुड़े अत्याधुनिक कैमरे यातायात गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रख रहे हैं। शहर में लगाए गए 550 से अधिक एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे वाहनों की गति और नियम उल्लंघन की जानकारी स्वतः दर्ज कर रहे हैं।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार इस वर्ष अब तक मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 112/183 के तहत ओवरस्पीडिंग के 4,809 मामले तथा धारा 184 के तहत खतरनाक और लापरवाह ड्राइविंग के 9,567 मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि सड़क पर स्टंट करने, वाहन चलाते समय सोशल मीडिया रील बनाने या दूसरों की जान जोखिम में डालने वाले चालकों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन और निरस्तीकरण की अनुशंसा लगातार परिवहन विभाग को भेजी जा रही है। ऐसे मामलों को न्यायालय में भी प्रस्तुत किया जा रहा है, जहां अधिकतम जुर्माना लगाया जा रहा है।
यातायात पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ केवल चालानी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


