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दूसरे मामले में शिक्षक ने लॉज ले जाकर किया दुष्कर्म
पीड़ित छात्रा की शिकायत पर एसएसपी की फटकार के बाद हुई एफआईआर
दोनों मामलों में आरोपी गिरफ्तार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 8 जून। शहर के तोरवा और सिरगिट्टी थाना क्षेत्रों में दो नाबालिग छात्राओं के साथ हैवानियत के दो अलग-अलग मामले उजागर हुए हैं। दोनों ही मामलों में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के कड़े हस्तक्षेप के बाद ही पुलिस हरकत में आई और आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी।
पहले मामले में तोरवा थाना क्षेत्र में रहने वाली 13 साल की एक मासूम लड़की दो दिनों से घर से लापता थी। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कुछ पता नहीं चला, तो अनहोनी की आशंका से घबराए परिजनों ने तोरवा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की।
इसी दौरान, पुलिस को पीड़ित बच्ची रेलवे स्टेशन के पास बेहद डरी-सहमी और बदहवास हालत में मिली। पुलिस ने तुरंत उसके परिजनों को थाने बुलाया। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में पीड़िता से पूछताछ की गई, तो उसने जो आपबीती सुनाई।
पीड़िता ने बताया कि उसकी पहचान के ही एक नाबालिग लड़के ने उसे बाहर घुमाने के बहाने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। रेलवे स्टेशन के पास उसके दो और दोस्त पहले से मौजूद थे। सूना इलाका देखकर तीनों ने मासूम को अपनी हवस का शिकार बना डाला। जब लड़की ने विरोध करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है और मुख्य आरोपी समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ की जा रही है।
दूसरा मामले में सिरगिट्टी इलाके की रहने वाली 15 वर्षीय स्कूली छात्रा ने अपने ही स्कूल के शिक्षक राहुल बंगारू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, 14 दिसंबर 2025 को जब छात्रा सहेली के घर से लौट रही थी, तब रास्ते में उसे शिक्षक राहुल मिला। उसने छात्रा को किताब दिलाने का लालच दिया और तोरवा स्थित इशिका पार्क के पास होटल शिवम ले गया। वहां आरोपी शिक्षक ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया और मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी दी।
डरी-सहमी छात्रा ने कुछ समय बाद स्कूल की प्रिंसिपल और दो अन्य शिक्षकों को इस बात की जानकारी दी, लेकिन उन्होंने मदद करने के बजाय छात्रा को चुप रहने की हिदायत दे दी। एक महीने पहले जब छात्रा स्कूल में अपनी ट्रांसफर सर्टिफिकेट लेने गई, तब भी उसने यह बात दोहराई, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने मामले को दबाए रखा। रविवार को आरोपी शिक्षक को दोबारा देखने के बाद छात्रा का सब्र टूट गया और उसने अपनी बड़ी बहन को सब सच बता दिया।
आरोप है कि शनिवार सुबह जब परिजन पीड़िता को लेकर सिरगिट्टी थाने पहुंचे, तो पुलिस ने तुरंत केस दर्ज करने के बजाय पीड़िता से ही अलग-अलग कमरों में बार-बार सवाल पूछकर उसे और मानसिक प्रताड़ना दी। जब पुलिस उसे मौका-ए-वारदात दिखाने ले गई और फिर मामला तोरवा थाना क्षेत्र का बताकर पल्ला झाड़ने लगी। परिजन दिनभर दोनों थानों में चक्कर काटते रहे।
जब यह पूरा मामला एसएसपी रजनेश सिंह के संज्ञान में आया, तो उन्होंने मातहतों को कड़ी फटकार लगाई। एसएसपी के सख्त रुख के बाद आखिरकार सिरगिट्टी पुलिस ने आरोपी शिक्षक और मामले को छुपाने वाले अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।


