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सुप्रीम कोर्ट ने गैंगरेप के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज की
08-Jun-2026 12:19 PM
सुप्रीम कोर्ट ने गैंगरेप के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज की

मानसिक विक्षिप्त पीड़िता का किया गया था किनडैप, वीडियो भी बनाया

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

मुंगेली, 8 जून। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के हाई-प्रोफाइल गैंगरेप मामले में मुख्य आरोपी जलेश रात्रे की विशेष अनुमति याचिका (SLP) को सुप्रीम कोर्ट ने सिरे से खारिज करते हुए उसे किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने बिलासपुर हाईकोर्ट के 3 फरवरी 2026 के आदेश को पूरी तरह सही माना और उसमें किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने से मना कर दिया।

घटना मुंगेली जिले के जरहागांव थाने की है। 19 दिसंबर 2024 की शाम को एक 22 वर्षीय मानसिक रूप से विक्षिप्त युवती तालाब में नहाने गई थी। इसी दौरान मुख्य आरोपी जलेश रात्रे ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर युवती को जबरन मोटरसाइकिल पर बिठाया और एक सूनसान जगह पर ले गए।

आरोपियों ने पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इतना ही नहीं आरोपियों ने इस करतूत का वीडियो भी रिकॉर्ड किया। बाद में गांव के कुछ लोगों को इस वीडियो की भनक लगी, जिसके बाद उन्होंने आरोपियों के मोबाइल से वीडियो बरामद कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया।

मुख्य आरोपी जलेश रात्रे ने खुद को बेकसूर बताते हुए हाईकोर्ट में दूसरी बार जमानत याचिका दायर की थी। कोर्ट में उसके वकील ने दलील दी थी कि घटना के वक्त जलेश वहां मौजूद नहीं था, बल्कि वह पेट्रोल लेने गया हुआ था। हालांकि, राज्य सरकार ने इस दलील का कड़ा विरोध किया। सरकारी वकील ने कोर्ट के सामने पीड़िता की नाजुक मानसिक स्थिति और मामले की पॉजिटिव फॉरेंसिक रिपोर्ट पेश की। मोबाइल से मिले वीडियो और पुलिस की जांच रिपोर्ट को पुख्ता सबूत मानते हुए हाईकोर्ट ने 3 फरवरी 2026 को आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसी फैसले को चुनौती देने मुख्य आरोपी जलेश रात्रे सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, जहां देरी से याचिका दायर करने की माफी तो मिल गई, लेकिन कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका को खारिज कर दिया।


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