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बांग्लादेश ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने पिछले 24 घंटों में भारत द्वारा लोगों को उनके देश में जबरन भेजने के कई प्रयासों को नाकाम किया है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) ने कहा कि उन्होंने सीमा के कई हिस्सों पर भारतीय अधिकारियों द्वारा किए गए घुसपैठ के 10 प्रयासों का पता लगाया है. भारत के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और विदेश मंत्रालय ने इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
बांग्लादेश की सीमा से सटे भारतीय राज्यों- त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और असम में अभी बीजेपी की सरकार है. बीजेपी ने अवैध प्रवासन से प्राथमिकता के आधार पर निपटने की बात कही है और पिछले साल से यह "अवैध घुसपैठिए" करार दिए गए बंगाली भाषी मुसलमानों को बांग्लादेश में धकेलने की कोशिश कर रही है. मानवाधिकार समूह, अधिकारी और विश्लेषक इस प्रक्रिया को "पुश-इन" नाम देते हैं.
रॉयटर्स के मुताबिक, पुश-इन के जरिए सत्यापन और वतन वापसी की प्रक्रिया पूरे किए बिना ही लोगों को अनौपचारिक रूप से बांग्लादेश भेज दिया जाता है. बांग्लादेश इसका कड़ा विरोध करता है. बीजीबी ने एक बयान जारी कर कहा है कि किसी भी व्यक्ति या समूह को सीमा के रास्ते अवैध रूप से बांग्लादेश में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने पिछले महीने रिपोर्टरों को बताया था कि उन्होंने बांग्लादेश से भारत में अवैध रूप से रह रहे 2,860 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की राष्ट्रीयता का सत्यापन करने के लिए कहा है. बांग्लादेश का कहना है कि किसी भी बांग्लादेशी नागरिक को औपचारिक कानूनी और कूटनीतिक रास्तों के जरिए भेजा जाना चाहिए. (dw.com/hi)


