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फेमा उल्लंघन का मामला
नई दिल्ली, 2 जून (भाषा)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा संबंधी कथित ‘उल्लंघन’ को लेकर अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल के वेदांता समूह के खिलाफ जांच के तहत उसके आधिकारिक परिसरों में छापेमारी की। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि वैश्विक खनन समूह के खिलाफ छापेमारी सोमवार को शुरू की गई और दिल्ली, मुंबई एवं राजस्थान के उदयपुर स्थित परिसरों सहित वेदांता लिमिटेड के चार परिसरों की तलाशी ली गई।
जांच विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के दीवानी प्रावधानों के तहत की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि भारतीय कंपनी वेदांता लिमिटेड की लंदन स्थित मूल कंपनी वेदांता रिसोर्सेज द्वारा 2023 में वेदांता लिमिटेड को ब्रांड शुल्क का एक हिस्सा लौटाए जाने का एक मामला संघीय जांच एजेंसी की जांच के दायरे में है। उन्होंने बताया कि जारी जांच में समूह की कुछ अन्य व्यवस्थाओं की भी पड़ताल की जा रही है।
वेदांता के एक प्रवक्ता ने ईडी की कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि कंपनी ‘प्राधिकारियों को पूरा सहयोग दे रही है और मांगी गई सभी जानकारी उपलब्ध करा रही है।’
प्रवक्ता ने कहा, ‘कंपनी सभी कानूनों और नियमों के अनुपालन के लिए प्रतिबद्ध है।’ उन्होंने कहा, ‘चूंकि मामला फिलहाल नियामकीय प्रक्रिया के तहत है इसलिए हम इस स्तर पर आगे कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।’
वेदांता लिमिटेड धातुओं, महत्वपूर्ण खनिजों और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रमुख वैश्विक उत्पादक है। कंपनी का कारोबार भारत, अफ्रीका, पश्चिम एशिया और पूर्वी एशिया में फैला है।


