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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
प्रतापपुर, 2 जून। ग्राम मदननगर में भूमि नामांतरण और अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों का विरोध मंगलवार को खुलकर सामने आया। सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रतापपुर थाना पहुंचकर प्रदर्शन किया और मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा की सहमति एवं प्रस्ताव के बिना आदिवासी भूमि का नामांतरण एसईसीएल के नाम पर किया गया है। इसे लेकर महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण थाना परिसर के बाहर एकत्र हुए और धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने अपने अधिकारों की रक्षा और भूमि संबंधी मामले में न्याय की मांग को लेकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संबंधित भूमि उनकी आजीविका के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से भी जुड़ी हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा की अनुमति के बिना भूमि अधिग्रहण एवं नामांतरण की प्रक्रिया अपनाई गई, जो आदिवासी हितों और कानूनी प्रावधानों के विपरीत है।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने पर थाना परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर कायम रहे।
प्रदर्शन में शामिल स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने मांग की है कि भूमि नामांतरण एवं अधिग्रहण प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और शिकायतों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगों पर ठोस पहल नहीं होने की स्थिति में आंदोलन जारी रहेगा।
समाचार लिखे जाने शाम साढ़े 5 बजे तक प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।


