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देशभर में मौन विरोध; पेंड्रा में सौंपा ज्ञापन
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 27 मई। मध्यप्रदेश के रीवा जिले में जैन साध्वियों के साथ हुए सड़क हादसे ने पूरे देश के जैन समाज को झकझोर दिया है। इस घटना के विरोध में देशभर में जैन समाज द्वारा शांतिपूर्ण मौन प्रदर्शन और जागरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी जैन समाज ने एकजुट होकर प्रशासन के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मालूम हो कि 20 मई को रीवा कलेक्ट्रेट के पास सड़क किनारे पद विहार कर रही तीन जैन साध्वियों को एक तेज रफ्तार कार ने पीछे से टक्कर मार दी थी। इस हादसे में आर्यिका श्री 105 श्रुतमति माताजी और आर्यिका श्री 105 उपशममति माताजी की मौत हो गई, जबकि एक अन्य साध्वी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद कई जैन संगठनों ने इसे केवल सड़क हादसा मानने से इनकार करते हुए साजिश की आशंका जताई है।
घटना के विरोध में पेंड्रा सहित गौरेला, खोड़री और आसपास के क्षेत्रों के जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए। समाज के अध्यक्ष, पदाधिकारियों, महिलाओं और युवाओं ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर इस मामले में त्वरित कानूनी कार्रवाई और आरोपियों को कठोर सजा देने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि देशभर में पद विहार कर रहे जैन मुनियों और साध्वियों की सुरक्षा को लेकर विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए। समाज ने मांग उठाई कि धार्मिक यात्राओं के दौरान संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थायी संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि साधु-संत समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनकी सुरक्षा केवल एक समुदाय नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से मौन रखकर अपना विरोध दर्ज कराया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पेंड्रा, गौरेला, खोड़री और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने हस्ताक्षर कर प्रशासन से जल्द और उचित कार्रवाई की मांग की।



