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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 27 मई। दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे केंद्रीय कोयला एवं खान राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कंपनी के उत्पादन, सुरक्षा, डिजिटलीकरण और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी मुलाकात कर कोयला क्षेत्र के विकास और राज्य की औद्योगिक संभावनाओं पर चर्चा की।
बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, कोल सेक्टर की आधारभूत संरचना, लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास जैसे मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। राज्य और केंद्र सरकार के समन्वय से विकास परियोजनाओं को गति देने और कोयला क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
एसईसीएल मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने कोयला उत्पादन, डिस्पैच, गुणवत्ता प्रबंधन, सुरक्षा उपाय, पर्यावरण संरक्षण, कोल गैसीफिकेशन, सीएसआर गतिविधियों और माइंस क्लोजर योजनाओं की जानकारी ली। बैठक में एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सुरक्षित और टिकाऊ खनन को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने आधुनिक तकनीक के अधिक उपयोग और कार्यक्षमता में लगातार सुधार पर बल दिया। उन्होंने एसईसीएल की उत्पादन, गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पहलों की सराहना भी की।
सीएमडी दुहन ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में कोल इंडिया के 100 मिलियन टन उत्पादन लक्ष्य में एसईसीएल ने अब तक 26.86 मिलियन टन का सबसे बड़ा योगदान दिया है।
दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने दो डिजिटल पोर्टल ई-डाडास और हॉस्पिटल मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम का उद्घाटन किया। ई-डाडास पोर्टल के जरिए डिजाइन और ड्रॉइंग की ऑनलाइन मंजूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जबकि एचएमआईएस पोर्टल एसईसीएल अस्पतालों में मरीजों के रिकॉर्ड और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
इसी क्रम में उन्होंने बिलासपुर स्थित इंदिरा विहार स्वास्थ्य केंद्र में अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइजर यूनिट का उद्घाटन भी किया। यह मशीन संक्रमण और अन्य बीमारियों की अधिक सटीक जांच करने में सक्षम होगी।
उद्घाटन के बाद मंत्री ने स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की सराहना की।


