ताजा खबर

एवरेस्ट फतह कर लौटी छत्तीसगढ़ की बेटी
25-May-2026 11:14 AM
एवरेस्ट फतह कर लौटी छत्तीसगढ़ की बेटी

लेकिन अभियान में दो साथियों की मौत, खुद फ्रॉस्टबाइट के बाद काठमांडू में भर्ती

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

जांजगीर-चांपा, 25 मई। छत्तीसगढ़ की बेटी अमिता श्रीवास ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर इतिहास रच दिया है। 22 मई की शाम उन्होंने 8,848.86 मीटर ऊंची एवरेस्ट चोटी पर तिरंगा फहराया। इस उपलब्धि के साथ वह एवरेस्ट जीतने वाली छत्तीसगढ़ की दूसरी महिला पर्वतारोही बन गई हैं। हालांकि इस ऐतिहासिक सफलता के बीच अभियान से दुखद खबर भी सामने आई। वापसी के दौरान टीम के दो सदस्यों की मौत हो गई, जबकि अमिता खुद गंभीर फ्रॉस्टबाइट की शिकार हो गईं। उन्हें रविवार सुबह हेलिकॉप्टर से काठमांडू लाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अमिता श्रीवास ने बताया कि एवरेस्ट शिखर पर पहुंचने के बाद वह सुरक्षित नीचे उतरीं और कैंप-2 होते हुए 23 मई की रात बेस कैंप पहुंचीं। लेकिन अत्यधिक ठंड के कारण उनके बाएं हाथ की दो उंगलियों में गंभीर फ्रॉस्टबाइट हो गया।

रविवार सुबह करीब 10:30 बजे उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें हेलिकॉप्टर से नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित नॉर्विक इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया गया। फिलहाल विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।

अभियान के दौरान टीम को बड़ा झटका भी लगा। अमिता के मुताबिक एवरेस्ट फतह के बाद लौटते समय अत्यधिक थकान और ऑक्सीजन की कमी के कारण दो सदस्यों की मौत हो गई।

मृतकों में हैदराबाद निवासी अरुण तिवारी और यूनाइटेड किंगडम के संदीप आरे हैं। डॉक्टरों के अनुसार अत्यधिक ऊंचाई और ऑक्सीजन की कमी के कारण दोनों की हालत बिगड़ी और रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

यह अंतरराष्ट्रीय अभियान 26 अप्रैल को देवी ग्रीन तारा की विशेष पूजा के साथ शुरू हुआ था। इसके बाद नौ सदस्यीय टीम ने एवरेस्ट चढ़ाई शुरू की। बर्फीले तूफान, कड़ाके की ठंड और ऑक्सीजन की कमी जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अमिता ने यह उपलब्धि हासिल की।

उनकी सफलता से जांजगीर-चांपा समेत पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी का माहौल है, साथ ही उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की जा रही है।


अन्य पोस्ट