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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 22 मई। रायपुर के एक यूट्यूब इंफ्लुएंसर ने ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई का वीडियो दावों के साथ वायरल कर दिया। मामले की जांच के बाद बिलासपुर पुलिस ने इसे भ्रामक पाया, जिसके बाद संबंधित इंफ्लुएंसर को नोटिस जारी किया है।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला 12 मई का है। उस दिन एएसआई वीरेंद्र सिंह नेताम के साथ पुलिस टीम उसलापुर-मंगला बीट क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान सकरी ओवरब्रिज के पास बिना हेलमेट बाइक चला रहे एक युवक को रोककर ₹500 का चालान काटा गया।
कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद एक युवक ने अपने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और बाद में उसे रायपुर के एक यूट्यूब इंफ्लुएंसर को भेज दिया। आरोप है कि वीडियो को एडिट कर इस तरह पेश किया गया, मानो पुलिस ने गर्भवती महिला को रोककर उससे जबरन वसूली की हो।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। रिपोर्ट लिखे जाने तक रील को डेढ़ लाख से ज्यादा लोग देख चुके थे, जबकि 8 हजार से अधिक लाइक और बड़ी संख्या में शेयर भी मिले। वीडियो देखने वाले कई लोगों ने पुलिस प्रशासन की तीखी आलोचना शुरू कर दी।
सोशल मीडिया पर लोगों ने पुलिस पर जबरन वसूली और आम जनता को परेशान करने जैसे आरोप लगाए। कुछ यूजर्स ने यह तक लिखा कि पुलिस की सख्ती केवल गरीब और कमजोर लोगों पर ही दिखाई देती है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर मामले की एएसपी ट्रैफिक रामगोपाल करियारे ने जांच कराई। पुलिस जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो भ्रामक और तथ्यों से छेड़छाड़ कर तैयार किया गया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाकर किसी संस्था या व्यक्ति की छवि खराब करने का यह गंभीर मामला है। फिलहाल पुलिस ने संबंधित इंफ्लुएंसर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।


