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महिला वकीलों के लिए 30 फीसदी आरक्षण की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
21-May-2026 9:51 AM
महिला वकीलों के लिए 30 फीसदी आरक्षण की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर मांग की गई है कि सरकारी न्यायिक अधिकारी के पदों पर महिला वकीलों को 30 फीसदी आरक्षण दिया जाए. साथ ही केंद्र, राज्यों और सरकारी कंपनियों के वकीलों के पैनलों में भी महिलाओं को 30 फीसदी हिस्सेदारी दी जाए. सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर दिया है. 

कानूनी खबरों की वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक, याचिका में कहा गया है कि अभी तक कोई भी महिला वकील भारत की अटॉर्नी जनरल या सॉलिसिटर जनरल नियुक्त नहीं की गई है. इसके अलावा विभिन्न हाईकोर्टों में नियुक्त किए गए एडिशनल सॉलिसिटर जनरलों में भी कोई महिला वकील शामिल नहीं है. याचिका में कहा गया है कि न्यायिक पदों पर महिलाओं के न होने से न्यायापालिका में उनकी हिस्सेदारी पर सीधा असर पड़ता है. 

यह याचिका लाड़ली फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा दायर की गई थी, जो समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए काम करता है. याचिका में कहा गया है कि सरकारी पैनलों और न्यायिक पदों पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व बेहद कम है. याचिका के मुताबिक, देश में करीब 15.40 लाख वकील पंजीकृत हैं, जिनमें से महिला वकील केवल 2.84 लाख हैं, जो कुल संख्या का मात्र 15.31 फीसदी हैं. (dw.com/hi)


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