ताजा खबर
संग्रहालय के रजिस्टर दीमक चट कर गए, अफसर को नोटिस
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 18 मई। गुरु घासीदास संग्रहालय में दुर्लभ दस्तावेजों और एक्सेशन रजिस्टरों को दीमक चट जाने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इसका खुलासा उस वक्त हुआ, जब अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की जांच के दौरान बेशकीमती अवलोकितेश्वर की कांस्य प्रतिमा को वापस लाने के लिए संग्रहालय के रिकॉर्ड खंगाले गए। बताया गया कि छह में से पांच एक्सेशन रजिस्टर नष्ट हो चुके हैं, जिनमें पुरातत्व अवशेषों का रिकॉर्ड दर्ज था।
इस पूरे मामले में गंभीर लापरवाही मानते हुए संयुक्त संचालक जेआर भगत को नोटिस जारी किया गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक संस्कृति सचिव एस. भारतीदासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए विभागीय अधिकारियों से जवाब तलब किया है। यह भी जानकारी सामने आई है कि पिछले चार वर्षों से पुरावशेषों का भौतिक सत्यापन तक नहीं किया गया।
एक्सेशन रजिस्टरों के नष्ट होने का मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि इनमें संग्रहालय में संरक्षित पुरावशेषों, कलाकृतियों और चोरी हुई वस्तुओं की पूरी जानकारी दर्ज रहती है। हाल ही में अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के पर्दाफाश के बाद गुरु घासीदास संग्रहालय से करीब तीन दशक पहले चोरी हुई अवलोकितेश्वर की कांस्य प्रतिमा बरामद हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 2 मिलियन डॉलर बताई जा रही है।
अब इस प्रतिमा को वापस लाने की प्रक्रिया को रजिस्टरों के नष्ट होने से झटका लग सकता है। आशंका जताई जा रही है कि कई अन्य चोरी हुई प्रतिमाओं और पुरावशेषों की जानकारी भी हमेशा के लिए खत्म हो गई है। चर्चा यह भी है कि रजिस्टरों को जानबूझकर नष्ट किया गया हो।
मामले के सामने आने के बाद संग्रहालय की संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारों का कहना है कि संग्रहालयों में दुर्लभ दस्तावेजों और पुरावशेषों के संरक्षण के लिए तापमान नियंत्रण, नियमित फ्यूमिगेशन और वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग बेहद जरूरी होता है, जो कि नहीं हुआ। बहरहाल, मामला तूल पकड़ सकता है।


