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नयी दिल्ली, 18 मई। दिल्ली की एक अदालत ने नीट पेपर लीक मामले में रेनुकाई करियर सेंटर के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को सोमवार को नौ दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश अजय गुप्ता ने केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा 10 दिनों की हिरासत मांगे जाने के बाद, आरोपियों से 9 दिनों की हिरासत में पूछताछ की अनुमति दे दी।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अदालत को बताया कि मोटेगांवकर को रविवार शाम लातूर से गिरफ्तार किया गया और छापेमारी के दौरान उसके मोबाइल फोन से तीन मई को हुई परीक्षा का लीक प्रश्नपत्र मिला।
एजेंसी ने आरोप लगाया है कि वह पेपर लीक और उसे फैलाने वाले संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य है। सीबीआई का आरोप है कि ‘‘उसने अपने कोचिंग सेंटर के जरिए प्रश्नपत्र और उत्तर के प्रसार में अहम भूमिका निभायी।’’
सीबीआई के अनुसार, ‘‘प्रश्न पत्र उसके जरिये बड़ी संख्या में छात्रों को लीक किया गया।’’
जांच एजेंसी के मुताबिक, मोटेगांवकर को परीक्षा से करीब 10 दिन पहले यानी 23 अप्रैल को प्रश्नपत्र और उत्तर मिल गए थे। जांच एजेंसी के अनुसार, लीक प्रश्नपत्र और उत्तर-पत्रक की प्रतियां कई लोगों को हस्तलिखित नोट के रूप में दी गई थीं, जिन्हें परीक्षा के बाद नष्ट कर दिया गया।
सीबीआई ने कहा कि वह उसके कथित सरगना प्रह्लाद विट्ठलराव कुलकर्णी से संबंधों की भी जांच कर रही है।
सीबीआई इससे पहले रसायन विज्ञान के शिक्षक पी वी कुलकर्णी और जीव विज्ञान की शिक्षिका मनीषा मंधारे को गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी के अनुसार, दोनों की पहचान मनीषा वाघमारे के जरिए हुई थी, जो फिलहाल सीबीआई हिरासत में है।
एजेंसी का आरोप है कि दोनों शिक्षकों ने वाघमारे को नीट अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले विशेष सत्रों में लाने के लिए शामिल किया था।
मोटेगांवकर के वकील ने अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल 1999 से पढ़ा रहे हैं और मामले से जुड़ी सभी सामग्री पहले ही जब्त की जा चुकी है, इसलिए हिरासत की जरूरत नहीं है। (भाषा)


