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करोड़ों की जमीन का सौदा कर बिल्डर से 50 लाख की ठगी
12-May-2026 12:18 PM
करोड़ों की जमीन का सौदा कर बिल्डर से 50 लाख की ठगी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 12 मई। शहर के पॉश लिंक रोड इलाके की बहुमूल्य जमीन की बिक्री के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक भूमि कारोबारी ने खुद को जमीन मालिक का मुख्तियार बताकर स्थानीय बिल्डर से 50 लाख रुपये ऐंठ लिए। बाद में जब रजिस्ट्री कराने की बारी आई तो वह टालमटोल करने लगा। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी को जमीन बेचने का कोई वैधानिक अधिकार ही नहीं था। पीड़ित बिल्डर की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक क्रांतिनगर निवासी राजेश हर्जपाल बिल्डर हैं। कुछ समय पहले उनकी मुलाकात भारतीय नगर निवासी प्रफुल्ल झा से हुई थी। प्रफुल्ल ने खुद को नागपुर निवासी कृष्णा दुआ की जमीन का देखरेखकर्ता बताते हुए लिंक रोड स्थित खासरा नंबर 616/2 की 2600 वर्गफीट जमीन बेचने की पेशकश की। यह जमीन सीएमडी चौक और अग्रसेन चौक के बीच स्थित है और शहर की बेहद महंगी संपत्तियों में गिनी जाती है।

आरोपी ने दावा किया कि जमीन की वास्तविक मालकिन वृद्ध महिला हैं और नागपुर में रहने के कारण बिलासपुर नहीं आ सकतीं। इसलिए उन्होंने उसे पावर ऑफ अटॉर्नी देकर जमीन बेचने का अधिकार दिया है। आरोपी की बातों में आकर बिल्डर राजेश हर्जपाल ने 19 हजार रुपये प्रति वर्गफीट के हिसाब से कुल 4.94 करोड़ रुपये में सौदा तय कर लिया।

डील पक्की होने के बाद राजेश ने आरोपी को 50 लाख रुपये बतौर एडवांस दिए। इसमें 20 लाख रुपये नकद और 30 लाख रुपये चेक के माध्यम से दिए गए। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी जब रजिस्ट्री नहीं हुई तो बिल्डर को शक हुआ। दस्तावेजों की जांच कराने पर पता चला कि कृष्णा दुआ ने प्रफुल्ल झा को केवल जमीन की देखरेख का अधिकार दिया था, बिक्री का नहीं। जांच में यह भी सामने आया कि उक्त जमीन को लेकर न्यायालय में पहले से एक सिविल मामला लंबित है। इसके बावजूद आरोपी ने खुद को अधिकृत प्रतिनिधि बताकर करोड़ों की डील कर ली।

जब बिल्डर ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने 5-5 लाख रुपये के दो चेक दिए। हालांकि बैंक में जमा करने पर दोनों चेक खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़ित ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच में पाया कि आरोपी ने खरीदार और वास्तविक जमीन मालिक दोनों को अंधेरे में रखकर धोखाधड़ी की है। मामले में अपराध दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

 


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