ताजा खबर

विजय की कहानी, पहले फ़िल्म और अब 'राजनीति का हीरो' बनने की ओर
04-May-2026 6:19 PM
विजय की कहानी, पहले फ़िल्म और अब 'राजनीति का हीरो' बनने की ओर

-मुरलीधरन काशीविश्वनाथन

तमिलनाडु की राजनीति में, टीवीके के नेता विजय ने अपने पहले ही चुनाव में नया इतिहास रच दिया है.

उनकी पार्टी ने डीएमके और एआईएडीएमके जैसी द्रविड़ पार्टियों को पछाड़ती नज़र आ रही है.

यह अभूतपूर्व घटना मानी जा रही है क्योंकि 1967 से ही राज्य की राजनीति में इन पार्टियों ने अपना दबदबा बनाए रखा था.

एमजीआर के बाद तमिलनाडु में अपने पहले ही चुनाव में विजय ने सत्ता में मौजूद सभी प्रमुख पार्टियों को पछाड़कर जनता के बीच अपने असर को साबित कर दिया है.

विजय, जिन्होंने 33 साल पहले एक ‘संकोची हीरी’ के रूप में तमिल सिनेमा में एंट्री की थी. अब राजनीति में आने के बाद पहले ही चुनाव में वो एक नया कीर्तिमान बनाते दिख रहे हैं.

उनका निजी जीवन और फिल्मी करियर लगभग एक जैसा ही रहा है. लेकिन राजनीति में विजय एक नई शैली अपना रहे हैं.

विजय ने कम उम्र में अभिनय शुरू किया और ‘नालैया थीरपू’ जैसी शुरुआती असफलताओं के बावजूद धीरे-धीरे आगे बढ़े. उन्हें असली पहचान ‘पूवे उनक्कागा’ से मिली, जिसने उनकी छवि बदल दी और उन्हें पारिवारिक दर्शकों से जोड़ा.

2010 के बाद उनकी फिल्मों में नेतृत्व के गुण अधिक स्पष्ट रूप से दिखने लगे. रिसर्चर मोहम्मद इलियास के अनुसार, ‘मर्सल’ और ‘सरकार’ जैसी फिल्मों ने “उन्हें एक नेता के रूप में स्थापित करने वाली छवि” बनाई, जिसकी तुलना अक्सर एम जी रामचंद्रन से की जाती है.

इसी के साथ उनकी राजनीतिक रुचि भी धीरे-धीरे बढ़ी. जैसा कि उन्होंने कहा था, “मंच से आगे बढ़कर मदद करने के लिए, सत्ता हाथ में होना जरूरी है.” (bbc.com/hindi)


अन्य पोस्ट