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ई कोर्ट्स मोबाइल ऐप होगा अपग्रेड, 5 मई से नया वर्जन, यूजर्स आज ही करें डेटा बैकअप
04-May-2026 5:35 PM
ई कोर्ट्स मोबाइल ऐप होगा अपग्रेड, 5 मई से नया वर्जन, यूजर्स आज ही करें डेटा बैकअप

बिना बैकअप के सेव केस डेटा हो सकता है गायब, नई तकनीक के साथ आएगा वर्जन 4.0
'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 4 मई। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ई कोर्ट्स सर्विस मोबाइल ऐप को लेकर महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। अदालत ने बताया है कि ऐप को आधुनिक तकनीक के साथ नए वर्जन 4.0 में अपग्रेड किया जा रहा है, जो 5 मई 2026 से लागू होगा। इस बदलाव के चलते सभी यूजर्स और संबंधित पक्षों को 4 मई तक अपने डेटा का बैकअप लेना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि सेव केस की जानकारी सुरक्षित रह सके।

रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यह अपग्रेड तकनीकी दृष्टि से बड़ा बदलाव है। ऐप को पुराने कोरडोवा हाइब्रिड फ्रेमवर्क से हटाकर अब रिएक्ट नैटिव  वर्जन 0.77.0 पर आधारित किया जा रहा है। इससे ऐप की स्पीड, प्रदर्शन और डेटा हैंडलिंग क्षमता में सुधार होगा।
अपग्रेड के बाद ऐप एंड्राइड 14 (एपीआई लेवल 34) के अनुरूप होगा, जिससे यह नए डिवाइस और गूगल प्ले स्टोर के साथ पूरी तरह संगत रहेगा। साथ ही, रेंडरिंग इंजन के कारण ऐप पहले की तुलना में तेज और अधिक सुचारू तरीके से काम करेगा।
नई डिजाइन को सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया गया है। अब ऐप में बॉटम-टैब नेविगेशन रहेगा, जिससे एक हाथ से इस्तेमाल करना आसान होगा।
वर्जन 4.0 में कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। अब केस स्टेटस में सीधे ऑर्डर की पीडीएफ देखने और डाउनलोड करने की सुविधा मिलेगी। केस कन्वर्जन ट्रैक करने के लिए अलग टेबल दी गई है। "माय केस" सेक्शन में पेजिनेशन लागू किया गया है, जिससे पहले आने वाली हैंग होने की समस्या खत्म होगी। इसके अलावा ई पे, एनजेडीजी और ई फाइलिंग जैसी सेवाओं को क्विक लिंक में एक साथ जोड़ा गया है। कोर्ट परिसरों को खोजने के लिए भुवन मैप का भी समावेश किया गया है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नए स्टोरेज सिस्टम में बदलाव के कारण डेटा बैकअप जरूरी है। यूजर्स को सलाह दी गई है कि वे मौजूदा ऐप में उपलब्ध एक्सपोर्ट फीचर का उपयोग कर 4 मई तक अपने डेटा को सुरक्षित कर लें, ताकि नई प्रणाली में आसानी से माइग्रेशन हो सके।


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