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नाबालिगों से गैंगरेप: 3 नाबालिग समेत 6 आरोपी गिरफ्तार
30-Apr-2026 6:36 PM
नाबालिगों से गैंगरेप: 3 नाबालिग समेत 6 आरोपी गिरफ्तार

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
अंबिकापुर/सीतापुर, 30 अप्रैल।
सरगुजा जिले के थाना सीतापुर क्षेत्र में 2 आदिवासी नाबालिगों के साथ हुए गैंगरेप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 3 वयस्क आरोपी और 3 विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं। सभी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 70(2) एवं पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, 26 अप्रैल 2026 को पीडि़ता की शिकायत पर थाना सीतापुर में अपराध दर्ज किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि 24 अप्रैल को पीडि़ता अपनी सहेलियों के साथ एक शादी समारोह से लौट रही थी, तभी आरोपियों ने उसे जबरन मोटरसाइकिल में बैठाकर सूनसान स्थान पर ले जाकर रेप किया। बाद में पीडि़ता ने घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मामला दर्ज कराया गया।

विवेचना के दौरान महिला पुलिस अधिकारी द्वारा पीडि़ता के बयान दर्ज किए गए, जिसमें उसकी एक सहेली के साथ भी रेप होने की बात सामने आई। दोनों पीडि़ताओं का मेडिकल परीक्षण कराया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट पर परिजनों द्वारा असहमति जताने के बाद 29 अप्रैल को जिला अस्पताल अंबिकापुर में पुन: मेडिकल परीक्षण कराया गया।

मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 30 अप्रैल तक 3 वयस्क आरोपियों आनंद बेक , विकास उर्फ राहुल और मनीष खलखो उर्फ आभीस को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं 3 अपचारी बालकों को बाल न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया चल रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, सहायक उप निरीक्षक शशिप्रभा दास सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

न्याय की पहली सीढ़ी को ही इतनी मुश्किल बना दी जाए, तो अपराधियों का मनोबल बढऩा स्वाभाविक है- सिंहदेव

छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने सामूहिक दुष्कर्म मामले को लेकर कहा कि 13-14 साल की स्कूली बच्चियाँ एक शादी से लौटते वक्त दरिंदगी का शिकार हुईं। उन्हें मोटरसाइकिल पर कई अपराधियों ने अगवा किया था। इससे भी अधिक चिंताजनक यह है कि कनूनी कार्रवाई बाधित हो रही है। एफआईआर दर्ज कराने तक के लिए पीडि़तों को संघर्ष करना पड़ा। जब न्याय की पहली सीढ़ी को ही इतनी मुश्किल बना दी जाए, तो अपराधियों का मनोबल बढऩा स्वाभाविक है। आज अपराधियों को किसी का डर नहीं रहा। कोई भी, कहीं भी, इस तरह का जघन्य अपराध करने की हिम्मत कर रहा है और यह प्रशासन और कानून व्यवस्था की पूरी तरह विफलता को उजागर करता है।
आज जब हर ओर महिला सम्मान और सशक्तिकरण की बातें हो रही हैं, जब ज़मीनी हकीकत इतनी भयावह हो, तब सत्ताधारी पार्टी के सभी दावे खोखले लगते हैं। बेटियों की सुरक्षा, जो सबसे पहली जिम्मेदारी है, वही सुनिश्चित नहीं है।दोषियों को ऐसी कठोर और उदाहरणीय सज़ा मिलनी चाहिए, जिससे साफ संदेश जाए कि ऐसे अपराध कभी दोहराए नहीं जाएंगे।

कांग्रेसजांच दल गठित, 2 मई को पहुंचेगी सहप्रभारी
सरगुजा जिले में नाबालिग बच्चियों के साथ हुए सामूहिक बलात्कार के मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने गंभीर रुख अपनाते हुए 5 सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। यह जांच दल पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह के नेतृत्व में कार्य करेगा।

जांच दल में महिला कांग्रेस (शहर) की जिलाध्यक्ष सीमा सोनी, महिला कांग्रेस (ग्रामीण) की जिलाध्यक्ष अनिमा केरकेट्टा, जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री हेमंत तिवारी एवं डॉ. लालचंद यादव शामिल हैं। 29 अप्रैल को मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने इसकी जानकारी प्रदेश नेतृत्व एवं छत्तीसगढ़ की सहप्रभारी जरिता लैतफलांग को दी थी, जिसके बाद जांच दल के गठन को स्वीकृति प्रदान की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सहप्रभारी जरिता लैतफलांग 2 मई को अंबिकापुर पहुंचकर पीडि़त बच्चियों और उनके परिजनों से मुलाकात करेंगी।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 24 अप्रैल की रात मोटरसाइकिल सवार 10-12 युवकों ने विवाह समारोह से लौट रही चार नाबालिग बच्चियों का अपहरण करने का प्रयास किया, जिसमें दो बच्चियों के साथ सामूहिक बलात्कार किए जाने का आरोप है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि थाना सीतापुर पुलिस द्वारा मामले में उचित कार्रवाई के बजाय लीपापोती कर प्रकरण को दबाने का प्रयास किया गया। साथ ही मेडिकल जांच में भी अनाचार नहीं होने की रिपोर्ट दिए जाने पर सवाल उठाए गए हैं।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कथित गलत मेडिकल रिपोर्ट देने वाले चिकित्सक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सेवा से बर्खास्त करने एवं आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सामने लाने की भी मांग की है।


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