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रक्षा और प्रशासनिक सेवाओं में आगे बढ़ने का छात्राओं से आह्वान किया महिला आयोग अध्यक्ष ने
30-Apr-2026 12:20 PM
रक्षा और प्रशासनिक सेवाओं में आगे बढ़ने का छात्राओं से आह्वान किया महिला आयोग अध्यक्ष ने

अफसरों के साथ टोनही प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, बाल विवाह व मानव तस्करी के मामलों की समीक्षा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 30 अप्रैल। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर के बिलासपुर प्रवास के दौरान महिला सुरक्षा, शिकायत निवारण और युवा छात्राओं के करियर मार्गदर्शन को लेकर दो कार्यक्रम आयोजित किए गए। एक ओर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ महिला सुरक्षा मामलों की गहन समीक्षा की, वहीं दूसरी ओर शी सर्व्स कार्यशाला के माध्यम से छात्राओं को रक्षा और प्रशासनिक सेवाओं में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

मंथन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित महिला एवं बाल विकास, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, बाल विवाह, मानव तस्करी, टोनही प्रथा, साइबर अपराध और महिला हेल्पलाइन से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।

अध्यक्ष रहाटकर ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि संवेदनशील सामाजिक वातावरण से भी जुड़ा है। उन्होंने सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई, समयबद्ध जांच और पीड़ितों को तत्काल सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही यह चेतावनी भी दी कि शिकायतों के निराकरण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में कलेक्टर ने जिले में संचालित वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन, मिशन शक्ति और महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं की जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि पुलिस द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष पैट्रोलिंग और त्वरित शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था की गई है। इस दौरान अध्यक्ष ने पुलिस के कम्युनिटी पुलिसिंग अभियान पर आधारित लघु फिल्म की सराहना की और तेरे मेरे सपने योजना लागू करने का सुझाव दिया।

छात्राओं के लिए शी सर्व्स कार्यशाला

इसके बाद स्व. लखीराम अग्रवाल ऑडिटोरियम में आयोजित शी सर्व्स कार्यशाला में रहाटकर ने 16 से 23 वर्ष की छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश की बेटियां आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन रक्षा सेवाओं में अभी भी जागरूकता की कमी के कारण कई प्रतिभाएं पीछे रह जाती हैं। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ सेना और प्रशासनिक सेवाओं में आगे आने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में उन्होंने अवनी चतुर्वेदी का उदाहरण देते हुए बताया कि भारतीय महिलाएं आज लड़ाकू विमान उड़ाने से लेकर विज्ञान और तकनीक तक हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही हैं। महापौर पूजा विधानी ने भी छात्राओं को निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। कार्यशाला में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों ने चयन प्रक्रिया और तैयारी से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी।

यशोदा एआई का प्रशिक्षण

राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभाकक्ष में स्व सहायता समूह की महिलाओं (दीदियों) को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘यशोदा एआई’ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल के माध्यम से महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। अध्यक्ष ने कहा कि डिजिटल युग में महिलाओं का तकनीक से जुड़ना अत्यंत आवश्यक है। डिजिटलाइजेशन के माध्यम से महिलाएं अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाकर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं। ‘यशोदा एआई’ प्रशिक्षण के जरिए उन्हें उत्पादों की मार्केटिंग, टैगलाइन और डिजाइन तैयार करने सहित तकनीकी जानकारी प्रदान की जा रही है, जिससे उनके व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी।

जनसुनवाई में सुनीं शिकायतें


आयोग की जनसुनवाई भी प्रार्थना सभा में रखी गई थी। इस दौरान घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना, संपत्ति विवाद, साइबर अपराध, पारिवारिक विवाद तथा सामाजिक उत्पीड़न से जुड़े कुल 58 प्रकरण प्राप्त हुए। राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष ने पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित मामलों में शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्राप्त प्रकरणों को आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों, पुलिस विभाग, नवा बिहान, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला थाना एवं सखी वन स्टॉप सेंटर को हस्तांतरित किया गया। साथ ही सभी प्रकरणों में की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन तैयार कर राष्ट्रीय महिला आयोग को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए गए।

 


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