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नयी दिल्ली, 28 अप्रैल। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने घोषणा की कि स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने मंगलवार को कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को तुर्किये से वापस लाने में सफलता हासिल की।
डोला (59) को मार्च 2024 में भारत के अनुरोध पर जारी इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर तुर्किये में गिरफ्तार किया गया था। वह भारत में मादक पदार्थ तस्करी के कई मामलों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा वांछित था और फरार था।
गृह मंत्री शाह ने इसे मादक पदार्थ के गिरोहों के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति बताते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मोदी सरकार के मादक पदार्थ गिरोहों को बेरहमी से कुचलने के मिशन के तहत, मादक पदार्थ के खिलाफ हमारी एजेंसियों ने वैश्विक एजेंसियों के एक मजबूत नेटवर्क के माध्यम से सीमापार भी अपनी पकड़ मजबूत की है।’’
शाह ने कहा, ‘‘अब मादक पदार्थ तस्कर कहीं भी छिपें, उनके लिए कोई जगह सुरक्षित नहीं है।”
गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि डोला को "ऑपरेशन ग्लोबल-हंट" के तहत तुर्किये से लाया गया था।
मंत्रालय ने बताया कि आज सुबह नयी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही एनसीबी ने उसे हिरासत में ले लिया।
मंत्रालय ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सलीम डोला को वापस लाया जाना, सरकार के उस दृढ़ संकल्प को दर्शाता है जिसके तहत वह सभी मादक पदार्थ मामले के भगोड़ों और संगठित अपराधिक गिरोहों के सदस्यों को विश्व भर में अथक रूप से पीछा करके न्याय के कटघरे में लाएगी।"
इंटरपोल के रेड नोटिस डेटाबेस के अनुसार, 31 दिसंबर, 1966 को जन्मा डोला हिंदी और मराठी बोलता हैं और उस पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत कई आरोप हैं।
रेड नोटिस इंटरपोल द्वारा विश्व भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से किया गया एक अनुरोध है, जिसमें प्रत्यर्पण, आत्मसमर्पण या इसी तरह की कानूनी कार्रवाई लंबित रहने तक किसी व्यक्ति का पता लगाने और उसे अस्थायी रूप से गिरफ्तार करने के लिए कहा जाता है।
अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी डोला ने कथित तौर पर पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरोप के कई देशों में फैला एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह तैयार किया था।
मंत्रालय ने बताया कि उसके दो दशक लंबे आपराधिक इतिहास में महाराष्ट्र और गुजरात में हेरोइन, चरस, मेफेड्रोन, मैंड्रैक्स और मेथामफेटामीन की कई बड़ी खेपों की बरामदगी से जुड़े मामलों में प्रत्यक्ष संलिप्तता शामिल है।
डोला की भूमिका लगातार भारत में वितरण नेटवर्क के लिए एक बड़े आपूर्तिकर्ता के रूप में सामने आई और गुजरात एटीएस और मुंबई पुलिस भी उसकी तलाश कर रही थी।
मंत्रालय ने बताया कि इससे पहले, उसके बेटे ताहिल सलीम डोला और अन्य सहयोगियों को 2025 में संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पण के बाद मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
मंत्रालय ने कहा कि यह प्रयास तुर्किये के अधिकारियों, इंटरपोल और भारतीय एजेंसियों के बीच घनिष्ठ सहयोग और समन्वित कार्रवाई का उदाहरण है। (भाषा)


