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ईडी छापा: 66.9 लाख, 37.13 किलो चांदी की ईंटें डिजिटल उपकरण दस्तावेज़ ज़ब्त
28-Apr-2026 10:01 PM
ईडी छापा: 66.9 लाख, 37.13 किलो चांदी की ईंटें डिजिटल उपकरण दस्तावेज़ ज़ब्त

रायपुर, 28 अप्रैल। ईडी ने सोमवार को कुरूद धमतरी में की गई छापेमारी पर अधिकृत बयान जारी किया है। ईडी ने भूपेंद्र चंद्राकर, रौशन चंद्राकर गोपाल गांधी के ठिकानों में 15 घंटे से अधिक छानबीन की थी।

प्रवर्तन निदेशालय (ED), रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने  कहा कि अभनपुर, रायपुर, धमतरी और कुरुद में स्थित 8 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह अभियान भारतमाला योजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम राजमार्ग परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के बदले अवैध रूप से मुआवज़ा प्राप्त करने के मामले में चलाया गया था। तलाशी अभियान के दौरान, 66.9 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा, 37.13 किलोग्राम वज़न की चांदी की ईंटें और अन्य चांदी की वस्तुएं, डिजिटल उपकरण और विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज़ ज़ब्त किए गए।

ED ने PMLA, 2002 के तहत जांच तब शुरू की, जब ACB/EOW, रायपुर ने अभनपुर, रायपुर के तत्कालीन SDO (राजस्व) निर्भय साहू और अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और IPC, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत एक FIR दर्ज की थी। FIR में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके, रायपुर-विशाखापत्तनम राजमार्ग परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित आधिकारिक भूमि अभिलेखों में हेरफेर और जालसाज़ी करके अवैध मुआवज़ा प्राप्त किया था।

ED की जांच में पता चला कि आरोपियों ने कुछ सरकारी कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों के साथ आपराधिक साज़िश रचकर, धोखाधड़ी से अतिरिक्त मुआवज़ा प्राप्त किया। उन्होंने ऐसा तब किया, जब NHAI, रायपुर द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 की धारा 3A के तहत अधिसूचना जारी की जा चुकी थी; इसके बावजूद उन्होंने जानबूझकर भूमि का स्वामित्व हस्तांतरित किया और धारा 3D के तहत अधिसूचना जारी होने से पहले भूमि के कई छोटे-छोटे टुकड़े (होल्डिंग्स) बना लिए। जांच में यह भी सामने आया कि संशोधित/हेरफेर किए गए खसरा अभिलेखों के आधार पर मुआवज़ा स्वीकृत और वितरित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप मुआवज़े का भुगतान बढ़ा-चढ़ाकर किया गया। इस प्रकार प्राप्त अतिरिक्त मुआवज़ा 'अपराध की आय' (Proceeds of Crime) की श्रेणी में आता है, जिससे सरकारी खजाने को अनुचित नुकसान हुआ और इसके विपरीत आरोपियों को गैर-कानूनी लाभ प्राप्त हुआ।
आगे की जांच जारी है।


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