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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 अप्रैल। राज्य में श्रमिकों को घर बैठे रोजगार और योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘ई-श्रम साथी’ मोबाइल एप्लीकेशन (छत्तीसगढ़ डिजिटल लेबर चौक) का शुभारंभ किया। इस डिजिटल पहल के जरिए श्रमिकों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच को और प्रभावी बनाने के साथ उनके कल्याण के प्रयासों को नई गति देने पर जोर दिया गया है।
मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मैदानी अमला पूरी प्रतिबद्धता के साथ श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में श्रमिकों के हित में व्यापक पहल हुई है और चार नई श्रम संहिताएं लागू की गई हैं। राज्य में मजदूरी संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों की मेहनत देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है और उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत 5 सितंबर 2008 से अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित हैं और 60 श्रमिक वर्ग अधिसूचित हैं। एक प्रतिशत उपकर (सेस) से वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जबकि गठन से अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये का उपकर संग्रहित हुआ है। मार्च 2026 तक 2,558 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में व्यय किए जा चुके हैं।
राज्य में मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, सियान सहायता, नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता, आवास सहायता योजना, नि:शुल्क कोचिंग सहायता तथा दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना जैसी कई योजनाएं संचालित हैं। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत हर वर्ष कक्षा 6वीं में 100 बच्चों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाता है, जिसे अब बढ़ाकर 200 कर दिया गया है। वर्तमान में 31 जिलों के 95 विद्यार्थी 8 जिलों के 14 विद्यालयों में अध्ययनरत हैं।
छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल और श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से भी विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रम कल्याण मंडल के तहत 14 योजनाएं संचालित हैं और वर्ष 2025-26 में 5.21 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना, श्रम सम्मेलन और मोबाइल कैंप के माध्यम से योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर जोर देते हुए ई-केवाईसी के माध्यम से हितग्राहियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वर्तमान में 55 प्रतिशत सत्यापन पूरा हो चुका है और शेष कार्य जारी है। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र’ जैसे नवाचारों को और प्रभावी बनाने तथा औद्योगिक इकाइयों का तकनीक के माध्यम से औचक निरीक्षण सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
राज्य सरकार के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।
बैठक में श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता और विशेष सचिव रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान श्रम विभाग की संरचना, श्रमायुक्त संगठन, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्था तथा विभिन्न मंडलों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।


