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मल्हार में मिला 2000 साल पुराना ब्राह्मी लिपि में लिखा ताम्रपत्र
27-Apr-2026 11:52 AM
मल्हार में मिला 2000 साल पुराना ब्राह्मी लिपि में लिखा ताम्रपत्र

शोधकर्ताओं के लिए खुल सकते हैं प्राचीन काल के नए अध्याय

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 27 अप्रैल। ऐतिहासिक नगर मल्हार में ‘ज्ञान भारतम् अभियान’ के तहत एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज सामने आई है। स्थानीय निवासी संजीव पांडे के घर से करीब 3 किलोग्राम वजनी एक दुर्लभ ताम्रपत्र मिला है, जिस पर लगभग 2000 वर्ष पुराने लेख ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में अंकित हैं। यह खोज क्षेत्र की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को नई पहचान दे रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ब्राह्मी लिपि भारत की सबसे प्राचीन लिपियों में से एक है, जिसका उपयोग मौर्यकाल से होता रहा है। वहीं पाली भाषा का संबंध बौद्ध धर्म के ग्रंथों और शिक्षाओं से है, जिससे इस ताम्रपत्र का धार्मिक महत्व भी बढ़ जाता है।

इतिहासकारों का मानना है कि प्राचीन काल में इस प्रकार के ताम्रपत्रों का उपयोग भूमि दान, राजकीय आदेश या धार्मिक घोषणाओं को दर्ज करने के लिए किया जाता था। इस ताम्रपत्र का वैज्ञानिक परीक्षण और विस्तृत अध्ययन उस समय की सामाजिक संरचना, प्रशासनिक व्यवस्था और धार्मिक परंपराओं के बारे में अहम जानकारी दे सकता है।

‘ज्ञान भारतम् अभियान’ के तहत यह खोज मल्हार क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर को उजागर करती है, जो शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि ज्ञान भारतम् अभियान के माध्यम से संस्कृति मंत्रालय देशभर में प्राचीन और दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए व्यापक अभियान चला रहा है। ग्राम सभाओं के जरिए लोगों को अपने पास मौजूद पुरानी पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने और उन्हें सामने लाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

इस पहल का उद्देश्य भारत की ज्ञान परंपरा, साहित्य, विज्ञान और दर्शन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों का संरक्षण और डिजिटलीकरण करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस विरासत से जुड़ सकें।


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