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5 लाख का सामान और नगदी जब्त
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
भिलाई नगर, 24 अप्रैल। स्मृतिनगर चौकी और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने दवा कंपनी प्रतिनिधि की आड़ में संगठित तरीके से नशीली सिरप की तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मुख्य सरगना सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 800 नग नशीली सिरप और तस्करी में प्रयुक्त वाहन जब्त किए गए हैं।
फर्जी ड्रग लाइसेंस बनाकर गुजरात से मंगाते थे खेप
विवेचना में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि गिरोह का मुख्य सरगना योगेश शर्मा एक वास्तविक ड्रग लाइसेंस में एडिटिंग कर अपने नाम का फर्जी लाइसेंस तैयार कर चुका था। इसी फर्जी दस्तावेज, लेटरपैड और सील के आधार पर आरोपी गुजरात की कंपनियों से इंडिया मार्ट और ई-कुरियर के माध्यम से कोडीन युक्त प्रतिबंधित केडिफोस-टी सिरप मंगवाता था। खुद को दवा प्रतिनिधि बताकर वह पुलिस और प्रशासन की नजरों से बचकर इस काले कारोबार को अंजाम दे रहा था।
घेराबंदी कर पकड़ी गई कार
पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम जुनवानी खम्हरिया रोड के पास कुछ लोग कार में नशीली सिरप की सप्लाई करने वाले हैं। सूचना मिलते ही स्मृतिनगर पुलिस और एसीसीयू की टीम ने जाल बिछाया। पुलिस ने घेराबंदी कर सेण्ट्रो कार सीजी-07/8595 को रोका। तलाशी लेने पर कार के भीतर 7 कार्टूनों में 800 नग प्रतिबंधित कोडीन युक्त सिरप बरामद हुई।
स्थानीय युवाओं को ऊंचे दामों पर बेचते थे नशा
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अवैध धन लाभ कमाने के लिए युवाओं को नशे की लत लगा रहे थे। ये सिरप स्थानीय युवाओं और अन्य छोटे विक्रेताओं को बहुत ऊंचे दामों पर बेची जाती थी। पुलिस ने मामले में योगेश शर्मा, उमेश कुमार यादव, महावीर जैन उर्फ रोहित और सतीश मेश्राम को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल 5 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है, जिसमें ?प्रतिबंधित सिरप 800 नग, एक सेण्ट्रो कार और एक एक्टिवा, 4 मोबाइल फोन, बिक्री से प्राप्त 1,200 रूपये नगद शामिल है।



