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पशु सखी बनी 7 अनाथ बच्चों की मां, डेढ़ माह से नहला-खिला रही
24-Apr-2026 4:07 PM
पशु सखी बनी 7 अनाथ बच्चों की मां, डेढ़ माह से नहला-खिला रही

  खैरागढ़ के निजामडीह में बैगा परिवार के बच्चों की देखभाल करती सुशींद्रा पटेल  
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता 
खैरागढ़, 24 अप्रैल।
छत्तीसगढ़ की एक साधारण पशु सखी ने ममता की मिसाल पेश की है। खैरागढ़ विकासखंड के साल्हेवारा के निजामडीह गांव में बैगा जनजाति के एक परिवार के सात अनाथ बच्चों को अपनी  गोद दी है। इन बच्चों की उम्र 7 महीने से लेकर 12 साल है।

सुशींद्रा पटेल पेशे से पशु सखी हैं। वे गांव-गांव घूमकर पशुओं को टीका लगाती हैं और उनकी देखभाल करती हैं। कुछ समय पहले वे फूलबासन यादव के साथ बैगा जनजाति के समूह बनाने के लिए पदयात्रा पर निकली थीं। उसी दौरान निजामडीह गांव में उन्हें एक घर में सात बच्चों की दयनीय स्थिति दिखाई दी। बच्चों की मां का देहांत हो चुका है और पिता जीवित रहते हुए भी बच्चों की कोई देखभाल नहीं कर रहे थे। बच्चे भूखे-प्यासे, गंदे और कुपोषित हालत में पड़े थे।

सुशींद्रा पटेल का दिल पसीज गया। उन्होंने  तुरंत फैसला कर लिया कि वे इन बच्चों की देखभाल करेंगी। पिछले डेढ़ महीने से वे इन सातों बच्चों को नहला रही हैं, खिलाती-पिलाती हैं, कपड़े धोती हैं और उनकी हर जरूरत पूरी कर रही हैं।

सात बच्चों में सबसे छोटा 7 महीने का बच्चा गंभीर कुपोषण का शिकार है। सुशींद्रा पटेल दिन-रात इन बच्चों के साथ रहकर उनकी मां की भूमिका निभा रही हैं।

सुशींद्रा पटेल ने ‘छत्तीसगढ़’ से बातचीत में बताया, ‘जब मैंने इन बच्चों को देखा तो लगा कि ये मेरे अपने बच्चे हैं। मैं पशुओं की सेवा करती हूं, तो इन नन्हें बच्चों की सेवा क्यों नहीं कर सकती? अभी तो मैं अकेले इनकी देखभाल कर रही हूं। अगर सरकारी मदद मिले तो इन बच्चों का भविष्य और बेहतर बनाया जा सकता है।

यह खबर उन हजारों अनाथ बच्चों की कहानी भी है, जिन्हें समाज की उदासीनता के बीच सिर्फ एक संवेदनशील इंसान की ममता का सहारा मिल जाता है।


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