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सीबीएसई स्कूलों में एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों से ही पढ़ाई
24-Apr-2026 1:46 PM
सीबीएसई स्कूलों में एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों से ही पढ़ाई

मुख्य सचिव ने कलेक्टर को निगरानी करने कहा 

छत्तीसगढ़' संवाददाता

रायपुर, 24 अप्रैल । सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों से ही पढ़ाई होगी। इस मामले में मुख्य सचिव विकासशील ने संज्ञान लेकर सभी कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को पत्र भेजकर निगरानी करने कहा है। 

 श्री शील ने लिखा है कि  पालकों के माध्यम से विभाग/ शासन को सूचना प्राप्त हो रही है कि निजी विद्यालयों द्वारा एन.सी.ई.आर.टी. की पुस्तक के स्थान पर निजी प्रकाशकों की पुस्तकें क्रय करने हेतु विद्यार्थियों एवं पालकों को बाध्य किया जा रहा है।इस संबंध में स्पष्ट किया जाता है कि निजी विद्यालय जहां सीजी बोर्ड से संबद्धता प्राप्त कर अध्यापन कराया जाता है, वहां पहली से 10वीं तक पाठ्यपुस्तकें एस.सी.ई.आर.टी. की छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम से प्रकाशित पुस्तकें विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रदाय किया जाता है। अतः इन विद्यालयों में विद्यार्थियों/पालकों को किसी अन्य प्रकाशकों की पुस्तके क्रय करने हेतु बाध्य न  किया जाए। इसी प्रकार सी.बी.एस.ई. से संबद्धता प्राप्त विद्यालयों में एन.सी.ई.आर.टी. द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम का अध्यापन कराया जाता है। पालकों से प्रायः यह शिकायत प्राप्त होती है कि अशासकीय विद्यालयों द्वारा उन्हें दुकान विशेष से निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है।

 ऐसी कार्यवाही करने कहा है :

कक्षा पहली से आठवीं तक निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू है यह सभी विद्यार्थियों को शिक्षा सुलभ कराने की दृष्टि से लागू किया गया है। अतः कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों हेतु एन.सी.ई.आर.टी. द्वारा प्रकाशित पुस्तकें लागू करवायें ताकि पालकों पर निजी पुस्तकों का अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पडे।

 कक्षा नवमी से 12 वीं के विद्यार्थियों हेतु किसी दुकान विशेष से निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने हेतु बाध्य नहीं किया जाना सुनिश्चित करें।

गणवेश एवं स्टेशनरी किसी दुकान विशेष से खरीदने पालकों को बाध्य न किया जाए।

 किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर शिकायत के निपटारे हेतु एक पारदर्शी
सिस्टम बनायें।
इन निर्देशों का कड़ाई से पालन नहीं करने वाले निजी विद्यालयों के विरूद्ध  आवश्यक कार्यवाही करें।


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