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सरगुजिहा बोलने वाले बच्चे को प्रवेश से इंकार, निजी स्कूल पर एक लाख का जुर्माना, संचालन स्थगित
18-Apr-2026 6:11 PM
सरगुजिहा बोलने वाले बच्चे को प्रवेश से इंकार, निजी स्कूल पर एक लाख का जुर्माना, संचालन स्थगित

बिना मान्यता संचालित मिला, जांच में प्रवेश न देने की पुष्टि

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
अंबिकापुर, 18 अप्रैल।
भाषा के आधार पर एक मासूम बच्चे को प्रवेश देने से इंकार करने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए अंबिकापुर चोपड़ापारा स्थित स्वरंग किड्स एकेडमी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही विद्यालय के संचालन को आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार सोशल मीडिया एवं विभिन्न न्यूज चैनलों के माध्यम से यह मामला सामने आया था कि स्वरंग किड्स एकेडमी (पेशागी एजुकेशन सोसायटी), चोपड़ापारा अंबिकापुर द्वारा चार वर्षीय बच्चे को इस आधार पर प्रवेश देने से मना कर दिया गया कि वह हिंदी में बात नहीं कर पाता और स्थानीय सरगुजिहा भाषा में संवाद करता है।
आरोप है कि संस्था द्वारा बच्चे के पिता से कहा गया था कि विद्यालय में बड़े घरों के बच्चे पढ़ते हैं और शिक्षक बच्चे की भाषा नहीं समझ पा रहे हैं, इसलिए उसे प्रवेश नहीं दिया जा सकता।

मामले को गंभीरता से लेते हुए संस्था से स्पष्टीकरण मांगा गया। प्राप्त जवाब में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित संस्था बिना विभागीय मान्यता के संचालित हो रही थी तथा शाला प्रबंधन एवं शिक्षकों ने अपनी गलती स्वीकार की। इसके बाद रूमी घोष, वरिष्ठ प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केदारपुर अंबिकापुर की अध्यक्षता में जांच दल गठित कर घटना की जांच कराई गई। जांच में भी समाचारों में प्रसारित घटना की पुष्टि हुई तथा बिना मान्यता विद्यालय संचालन की जानकारी सामने आई।

जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने आदेश में कहा है कि संस्था का यह कृत्य नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009-10 तथा स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके चलते अधिनियम की धारा 18 (5) के तहत स्वरंग किड्स एकेडमी (पेशागी एजुकेशन सोसायटी) पर एक लाख रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया गया है।

साथ ही आदेश में निर्देशित किया गया है कि विद्यालय का संचालन आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से स्थगित रहेगा तथा निर्धारित आर्थिक दंड राशि चालान के माध्यम से शासन के खजाने में जमा कर उसकी प्रति कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।


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