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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 18 अप्रैल । विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ( यूजीसी) ने विश्वविद्यालयों सहित देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों को चेतावनी पत्र लिखा है। यूजीसी ने कहा कि वह छात्रों की सुरक्षा और उनके हितों को लेकर वह सभी जरूरी कदम उठाए, जिनके दिशा-निर्देश उन्हें पूर्व में दिए गए है।
इनमें संस्थान में छात्रों के लिए एक पारदर्शी शिकायत व रैंगिंग कमेटी का गठन सहित छात्रों के फीस, दाखिले व भेदभाव जैसे मुद्दों को सुनने व निगरानी रखने से जुड़े दिशा-निर्देशों व नियमों को सख्ती से लागू करने को कहा है। साथ ही कमेटियों की बैठकों का ब्यौरा भी वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक 2022 से 2024 के बीच रैगिंग के चलते 51 छात्रों की मौत हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ में कला वाणिज्य और साइंस कालेजों में तो ऐसे मामले उजागर नहीं हुए हैं लेकिन रायपुर मेडिकल कॉलेज में 50 छात्रों की रैगिंग को लेकर तीन सीनियर छात्रों को निलंबित किया गया था।
यूजीसी ने इस दौरान सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिसर को सीसीटीवी व दूसरे उपायों से लैस करने के भी निर्देश दिए है।
यूजीसी से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक छात्रों से जुड़े मुद्दों में बढ़ोतरी के पीछे उच्च शिक्षण संस्थानों का रवैया ही प्रमुख कारण है। ऐसे में इन संस्थानों में नियमों का पालन हो रहा है या नहीं इसका निगरानी जरूरी है। यूजीसी ने सभी शासकीय विश्वविद्यालयों से छात्रों से जुड़े नियमों व दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराए। साथ ही अपने से संबंध कालेजों को भी इस पर सख्ती अमल सुनिश्चित कराने के निर्देश दे।


