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ब्रसेल्स/मैड्रिड, 18 अप्रैल। स्पेनिश सांसद इरेन मोंटेरो ने यूरोपीय संसद की दहलीज से दुनिया को एक ऐसी खौफनाक चेतावनी दी है जिसने पूरे महाद्वीप को हिलाकर रख दिया है। मोंटेरो ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने आज इज़राइल को नहीं रोका, तो फलस्तीनियों के साथ जो दरिंदगी हुई है, वह फलस्तीन तक सीमित नहीं रहेगी; बल्कि यह पूरी दुनिया में उन तरीकों से फैलेगी जिसे संभालने के लिए कोई देश तैयार नहीं है।
यूरोपीय संघ पर 'मिलीभगत' का आरोप
मोंटेरो ने यूरोपीय संघ को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय कानून का दम भरने वाला यह संस्थान आज इज़राइल का सीधा 'मददगार' बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक EU इज़राइल के साथ व्यापारिक समझौते और सैन्य साझेदारी जारी रखता है, तब तक वह उस 'जनसंहार' का हिस्सा है जिसे इज़राइल अंजाम दे रहा है। उन्होंने मांग की कि इज़राइल पर तुरंत हथियार प्रतिबंध लगाया जाए और EU-इज़राइल एसोसिएशन एग्रीमेंट को सस्पेंड किया जाए।
ट्रम्प और मेलोनी : कूटनीतिक 'कोल्ड वॉर'
इस बयान का महत्व और भी बढ़ जाता है जब हम इसे हालिया वैश्विक घटनाक्रमों से जोड़ते हैं। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इज़राइल को 'ब्लैंक चेक' (बिना शर्त समर्थन) देने की नीति पर कायम हैं, वहीं दूसरी तरफ इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने एक बड़ा यू-टर्न लिया है।
मेलोनी का बदलाव: ट्रम्प की करीबी मानी जाने वाली मेलोनी ने हाल ही में इज़राइल के साथ एक बड़ा रक्षा समझौता रद्द कर दिया है। मेलोनी का कहना है कि मध्य पूर्व के हालात अब इस स्तर पर पहुँच गए हैं कि पुराने समझौतों को जारी रखना नामुमकिन है।
ट्रम्प की नाराजगी: मेलोनी के इस फैसले से ट्रम्प बेहद खफा हैं। उन्होंने मेलोनी को "कमजोर" तक कह दिया है, क्योंकि इटली अब अमेरिका की उस सैन्य नीति का हिस्सा नहीं बनना चाहता जो पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंक सकती है।
इटली का 'अजीब' राजनीतिक मेलमिलाप
दिलचस्प बात यह है कि मेलोनी के इस फैसले ने इटली की घरेलू राजनीति में एक 'असंभव' गठबंधन बना दिया है। इटली का विपक्ष , जो आम तौर पर मेलोनी का कट्टर विरोधी है, इस मुद्दे पर उनके साथ खड़ा हो गया है। वामपंथी दलों से लेकर मेलोनी के विरोधी गुटों तक, सबने इज़राइल के खिलाफ उनके कड़े रुख का समर्थन किया है। यह दिखाता है कि यूरोप में अब इज़राइल के प्रति नाराजगी पार्टी लाइन से ऊपर उठ चुकी है।


