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कई गंभीर, शव ढूंढने अस्पतालों के चक्कर लगाते दिखे परिजन
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायगढ़, 15 अप्रैल। सक्ति जिले स्थित वेदांत प्लांट में हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, अभी भी कई मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है। जबकि 34 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। इस भीषण हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतकों के शव अलग-अलग स्थानों पर रखे गए हैं। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में 5 शव, जिला अस्पताल में 5 शव, वेदांत प्लांट परिसर के भीतर 4 शव, जबकि रायपुर के कालड़ा हॉस्पिटल में 2 लोगों की मौत हुई है। वहीं 18 घायलों का इलाज रायगढ़ जिले के विभिन्न अस्पतालों में जारी है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद सबसे मार्मिक तस्वीर परिजनों की सामने आई है, जो अपने प्रियजनों की तलाश में अस्पतालों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
शव ढूंढने भटकते रहे परिजन
झारखंड के खूंटी जिले से आए दीपक कुमार की कहानी इस दर्दनाक स्थिति को बयां करती है। सूचना मिलने के बाद दीपक अपने साले की तलाश में रायगढ़ पहुंचे और एक के बाद एक अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे। उन्होंने सबसे पहले फोर्टिस अस्पताल पहुंचकर जानकारी जुटाई, जहां उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्होंने रायगढ़ के अन्य अस्पतालों में भी खोजबीन की। रात 3 बजे से शुरू हुई तलाश सुबह करीब 7:30 बजे खत्म हुई। जब जिला अस्पताल में उन्हें अपने साले का पार्थिव शरीर मिला।
परिजनों में पसरा मातम
इस खबर के बाद उनके परिवार में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। हादसे के बाद एक अन्य परिजन विमल ने प्रबंधन पर सवाल उठाए और कहा की सुरक्षा की कमी की वजह से ज्यादा मौतें हुई है और हादसे के बाद जो व्यवस्था होनी थी नहीं हुई। घटना के बाद अब अन्य राज्यों से भी मजदूरों के परिजन रायगढ़ पहुंचने लगे हैं। सभी अपने घायल या मृत परिजनों की जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं।
मृतकों के नाम
हादसे में मृतकों में छत्तीसगढ़ के 5, बिहार के 2, झारखंड के 3, पश्चिम बंगाल के 5 तथा उत्तर प्रदेश के 2 मजदूर शामिल हैं। मृतकों के नाम इस प्रकार हैं-
रितेश कुमार (सोनबर्शा, भागलपुर, बिहार),ए अमृत लाल पटेल (मंझापारा, डभरा, सक्ती, छत्तीसगढ़), थंडा राम लहरे (मालखरौदा, सक्ती, छत्तीसगढ़), तरुण कुमार ओझा (सिंदरी, धनबाद, झारखंड), आकिब खान (दरभंगा, बिहार), सुसांत जना (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल), अब्दुल करीम (झारखंड), उधव सिंह यादव (रायगढ़, छत्तीसगढ़), शेख सैफुद्दीन (हल्दिया, पश्चिम बंगाल), पप्पू कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश), अशोक परहिया (पलामू, झारखंड), मनस गिरी (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल), बृजेश कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश), रामेश्वर महिलांगे (जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़), कार्तिक महतो (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल), नदीम अंसारी (सक्ती, छत्तीसगढ़), शिबनाथ मुर्मू (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल)।


