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32 किमी बिलासपुर रिंग रोड परियोजना को केंद्र से हरी झंडी
27-Feb-2026 5:32 PM
32 किमी बिलासपुर रिंग रोड परियोजना को केंद्र से हरी झंडी

हवाई अड्डा, औद्योगिक क्षेत्र और नेशनल हाईवे को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी*

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

​बिलासपुर, 27 फरवरी  । केंद्रीय सड़क परिवहन विभाग ने 32 किलोमीटर लंबी 'बिलासपुर रिंग रोड' परियोजना को अपनी सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने  आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री एवं  सांसद  तोखन साहू को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है।

​गड़करी ने सांसद  साहू को बताया है कि परियोजना की व्यापक उपयोगिता एवं बिलासपुर की भविष्य की प्रशासनिक एवं औद्योगिक आवश्यकताओं को देखते हुए, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा इस मार्ग की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) तैयार करने की अनुशंसा कर दी गई है।

​परियोजना की प्रमुख विशेषताएं एवं व्यापक प्रभाव

​रणनीतिक मार्ग: लगभग 32 कि.मी. लंबी यह रिंग रोड बोदरी (छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के समीप) से प्रारंभ होकर सेंदरी गांव (NH-130) तक निर्मित होगी। यह मार्ग उच्च न्यायालय और बिलासपुर हवाई अड्डे को कोरबा, कटघोरा और सीपत जैसे प्रमुख औद्योगिक नगरों से सीधा संपर्क प्रदान करेगा।
​यातायात का स्थायी समाधान: शहर के मध्य से गुजरने वाले NH-49 और NH-130 के भारी वाहनों को अब शहर के बाहर से ही सुगम 'बायपास' प्राप्त होगा। इससे बिलासपुर के मुख्य बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में भारी वाहनों के दबाव से नागरिकों को स्थाई राहत मिलेगी।
​आर्थिक एवं औद्योगिक गलियारा: यह रिंग रोड सिरगिट्टी और लालखदान जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को NH-130A (रायपुर-धनबाद एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर) से सीधे जोड़ेगी। इससे मालवाहन के समय और ईंधन की बचत होगी, जिससे स्थानीय व्यापार और रसद (Logistics) तंत्र सुदृढ़ होगा।
​नियोजित विस्तार एवं रोजगार: बिलासपुर चूँकि SECR (रेलवे जोन) और SECL का मुख्यालय है, अतः इस रिंग रोड के निर्माण से ट्रांसपोर्ट नगर और लॉजिस्टिक पार्क का सुनियोजित विकास सुनिश्चित होगा।


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