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प्रधान महालेखाकार, की अध्यक्षता में नराकास की बैठक हुई
रायपुर, 26 फरवरी। राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन को नई दिशा देने के लिए प्रधान महालेखाकार, छत्तीसगढ़ की अध्यक्षता में बैठक हुई ।
उल्लेखनीय है कि रायपुर स्थित केंद्रीय कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने नराकास का पुनर्गठन किया गया है । इस नई व्यवस्था के तहत प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) को नराकास, रायपुर (कार्यालय-02) के अध्यक्ष कार्यालय मनोनीत किया गया है । वर्तमान में इस नवगठित समिति के कुल 44 सदस्य कार्यालय में से 38 कार्यालयों के प्रमुखों एवं सहयोगी अधिकारी शामिल रहे।
बैठक के दौरान सदस्य कार्यालयों द्वारा पिछली छमाही के दौरान हिंदी में किए गए कार्यों के वृत्त और प्रगति प्रतिवेदनों की विस्तार से समीक्षा की गई । इस अवसर पर राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त करने के लिए भावी रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श हुआ । मंच पर नरेन्द्र सिंह मेहरा, सुनील कुमार सिंह, दयानंद और राकेश भूतड़ा शामिल थे, ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कई व्यावहारिक सुझाव साझा किए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए यशवंत कुमार (प्रधान महालेखाकार एवं अध्यक्ष, ) ने अपने संबोधन में समिति के मूल उद्देश्यों पर प्रकाश डाला । उन्होंने उन कार्यालयों को विशेष निर्देश दिए जिनके आंकड़े निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप नहीं पाए गए । उन्होंने ऐसे कार्यालयों से आगामी छमाही में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
अंत में वरिष्ठ उपमहालेखाकार एम.एस. डहरिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया । इस गरिमामयी बैठक में श्रीमती प्रियाति कौड़ो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे ।


