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बारिश से भरा पानी, पशु गिर रहे, बच्चों पर मंडरा रहा खतरा
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बचेली, 26 फरवरी। बचेली से नगरनार (जगदलपुर) तक एनएमडीसी द्वारा बनाई जा रही स्लरी पाइपलाइन परियोजना में गंभीर लापरवाही सामने आई है। बड़े बचेली क्षेत्र के अंतर्गत निर्माण कार्य कर रही एल एंड टी कंपनी द्वारा लगभग 1 से 2 किलोमीटर तक लगातार खुदाई कर गड्ढों को खुला छोड़ दिया गया है।
जानकारी के अनुसार ये गड्ढे 10 दिनों से अधिक समय से खुले पड़े हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन गड्ढों की गहराई लगभग 10 फीट बताई जा रही है, लेकिन इनके आसपास किसी प्रकार की बैरिकेडिंग, सुरक्षा घेराबंदी या चेतावनी पट्टी तक नहीं लगाई गई है।
बारिश से बढ़ा खतरा
23-24 फरवरी को हुई अचानक बारिश के बाद कई स्थानों पर इन गहरे गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे फिसलन बढ़ गई है और दुर्घटना की आशंका और भी गंभीर हो गई है।स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, अब तक कई गाय और बकरियां इन गड्ढों में गिरकर घायल हो चुकी हैं। पशुओं के गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
महुआ सीजन में बढ़ी परेशानी
वर्तमान में महुआ सीजन चल रहा है। सुबह-सुबह महिलाएं और बच्चे जंगल की ओर महुआ चुनने जाते हैं। रास्तों में 1-2 किलोमीटर तक फैली खुदाई के कारण उन्हें लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि महुआ खाने के बाद पशु अक्सर असंतुलित हो जाते हैं, ऐसे में 10 फीट गहरे और पानी से भरे खुले गड्ढों में गिरने का खतरा और अधिक बढ़ गया है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी खुले गड्ढों के कारण दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें बच्चों की अकाल मृत्यु तक की घटनाएं सामने आई थीं। इसके बावजूद निर्माण एजेंसी द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।
जनप्रतिनिधि ने उठाया बड़ा सवाल
स्थानीय ग्रामीण जनप्रतिनिधि ने कहा कि लगभग 1 से 2 किलोमीटर तक 10 फीट गहरी खुदाई कर उसे यूं ही खुला छोड़ देना गंभीर लापरवाही है। यह सीधे तौर पर ग्रामीणों और पशुओं की जान से खिलवाड़ है। अगर कोई बड़ा हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? निर्माण एजेंसी और निगरानी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी खुले गड्ढों के चारों ओर तत्काल मजबूत बैरिकेडिंग की जाए। चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था की जाए।निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
बड़े बचेली गांव के समीप से गुजर रही इस पाइपलाइन के किनारे कई आबादी क्षेत्र स्थित हैं। ऐसे में यदि कोई गंभीर दुर्घटना या जनहानि होती है तो यह प्रशासन और निर्माण एजेंसी के लिए बड़ा प्रश्न खड़ा करेगा। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।


