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रायपुर के लोगों को खारून का मिल रहा गंदा पानी
25-Feb-2026 4:55 PM
रायपुर के लोगों को खारून का मिल रहा गंदा पानी

भाजपा सदस्य राजेश मूणत ने मंत्री को घेरा, नेता प्रतिपक्ष ने भी उठाए सवाल

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 25 फरवरी। एसटीपी का गंदा पानी खारून में जाने का मामला बुधवार को विधानसभा में उठा। भाजपा सदस्य राजेश मूणत ने आरोप लगाया कि एसटीपी का गंदा पानी खारून नदी में मिल रहा। उन्होंने कहा कि सीएम-मंत्री और सदन के सारे सदस्य, और जनता खारून का पानी पी रहे हैं। गंदा पानी रोकने के लिए क्या कोई योजना है?  इस पर डिप्टी सीएम अरूण साव ने कहा कि खारून नदी में नाले का गंदा पानी जाने से रोकने की कार्रवाई शुरू की गई है। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने भी एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्माण के बिना चालू होने की सूचना एनजीटी को भेजे जाने के मामले में डिप्टी सीएम को घेरा।

इस पर डिप्टी सीएम साव ने कहा कि मामले की जांच होगी, और गलत जानकारी भेजे जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने प्रदेश के नगरीय निकायों में संचालित एसटीपी को लेकर जानकारी चाही है। इसके लिखित जवाब में पीएचई मंत्री ने बताया कि प्रदेश के 12 नगरीय निकायों में 18 एसटीपी संचालित है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में तरल अपशिष्ट को नदियों में प्रवाहित करने के रोकथाम के लिए एसटीपी का निर्माण किया जा रहा है।

 पीएचई मंत्री ने सक्ती में प्रस्तावित एसटीपी के निर्माण को लेकर जानकारी चाही। उन्होंने बताया कि पिछले दो साल में सदन में अलग-अलग सत्र में पूछे गए सवाल के जवाब में एक ही उत्तर आया है कि निविदा प्रक्रियाधीन है। डॉ. महंत ने पूछा कि एसटीपी की क्या स्थिति है? जबकि एनजीटी को रिपोर्ट भेज दी गई है कि एसटीपी चालू है।

नेता प्रतिपक्ष के सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि चार एमएलडी एसटीपी के निर्माण के लिए 15 मार्च 2023 को निविदा बुलाई गई थी। इसके बाद 8 अगस्त 2023 को निविदा बुलाई गई। निविदा की दरें काफी ऊंची थी। हमारी सरकार बनने के बाद पूरी योजना की समीक्षा के चलते कुछ समय के लिए निर्माण योजना को रोक दी गई।

 

इसके बाद निविदा जारी करने की अनुमति दी गई, लेकिन 64 फीसदी अधिक दर पर निविदा आई थी। इसके कारण निरस्त करना पड़ा। अभी फिर से निविदा बुलाई गई जिसमें 9 फीसदी अधिक दर पर एसटीपी निर्माण का टेंडर मंजूर किया गया। मगर कंपनी ने खुद लिखकर दे दिया है कि वो इस दर पर काम नहीं कर पाएंगे। इसके बाद अब नई टेक्नॉलाजी के जरिए एसटीपी का निर्माण किया जा रहा है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि स्थानीय चीफ इंजीनियर ने एनजीटी को एसटीपी चालू होने की गलत जानकारी भेजी है। उन्होंने कार्रवाई की मांग की। इस पर डिप्टी सीएम ने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी, और गलत जानकारी भेजने की बात आएगी, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने रायपुर के चंदनीडीह में एसटीपी निर्माण को लेकर सवाल खड़े किए, उन्होंने कहा कि एसटीपी का गंदा पानी खारून में मिल रहा है। सदन के सारे सदस्य खारून का पानी पीते हैं। पांच एकड़ सरकारी जमीन को छोडक़र 8 किमी दूर एसटीपी का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि रायपुर की जनता को खारून का गंदा पानी मिल रहा है। पीएचई मंत्री साव ने कहा कि चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में कमेटी इसकी जांच कर रही है, और गंदा पानी रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।


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