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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 25 फरवरी। प्रदेश में पिछले 4 महीने 399 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, और 679 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा यह जानकारी बुधवार को विधानसभा में गृहमंत्री विजय शर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि ड्रग्स की तस्करी को रोकने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई चल रही है।
भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर, और पूर्व स्पीकर धरमलाल कौशिक ने ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए मामला उठाया। इसके जवाब में पिछले चार माह में अवैध मादक पदार्थ तस्करी के 399 प्रकरण दर्ज कर 679 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस अवधि में 6791 किलोग्राम गांजा, 264.35 ग्राम हेरोइन, 37 ग्राम ब्राउन शुगर, 484 ग्राम अफीम, 16.56 ग्राम कोकिन, 23.84 ग्राम एमडीएमए, 512.880 किलोग्राम डोडा तथा 98 हजार से अधिक नशीली दवाइयां जप्त की गईं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में कुल 1288 प्रकरण दर्ज कर 2342 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। इस दौरान लगभग 17 हजार किलोग्राम गांजा, 2.039 किलोग्राम हेरोइन, 1524 किलोग्राम डोडा सहित बड़ी मात्रा में अन्य मादक पदार्थ और 2.41 लाख से अधिक नशीली दवाइयां जप्त की गईं। वर्ष 2026 में 31 जनवरी तक 146 प्रकरणों में 257 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जिला रायपुर और दुर्ग में नशा सेवन की सामग्रियों की बिक्री के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया है। रायपुर पुलिस आयुक्त द्वारा ऐसी सामग्रियों पर प्रतिबंध लगाने संबंधी आदेश भी जारी किया गया है। दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह में रायपुर पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 9 प्रकरण दर्ज किए और 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
रायगढ़ जिले के चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में उड़ीसा से नशीली दवाइयों की तस्करी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 250 पेंटाजोसीन इंजेक्शन और 160 नाइट्राजेपम टैबलेट जप्त की गईं। वहीं बिलासपुर पुलिस ने पिछले दो वर्षों में 181 प्रकरण दर्ज कर 306 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
सरकार ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज प्रकरणों में वित्तीय जांच भी की जा रही है। वर्ष 2025 में 16 आरोपियों की 13.29 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति फ्रीज की गई है। वर्ष 2024 से 31 जनवरी 2026 तक 145 आदतन आरोपियों के विरुद्ध पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
राज्य के सभी जिलों में टास्क फोर्स का गठन किया गया है तथा 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के लिए 100 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान भी लगातार चलाया जा रहा है।
गृह विभाग की ओर से कहा गया कि शासन की ठोस और प्रभावी कार्रवाई से मादक पदार्थों के सप्लाई और डिमांड नेटवर्क को तोड़ा जा रहा है तथा प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है।


