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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 25 फरवरी । जिला महिला बाल विकास विभाग बालोद के द्वारा ड्रेस के रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को घटिया क्वालिटी की पारदर्शी साड़ी का वितरण किए जाने व उन्हें ना लेने पर वेतन काटने की धमकी देने का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ आरटीआई एक्टिविस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंह ठाकुर ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए इसे महिलाओं का अपमान बताया है ।
ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को ड्रेस के रूप में साड़ी बांटी जा रही है । परंतु अनेक जिलों में अधिकारियों के लालच व भ्रष्टाचार के कारण वह साड़ी गुणवत्ता विहीन और और पारदर्शी है । जिसे पहनने मे महिलाएं को शर्म व संकोच हो रहा है । और वो साड़ी ले नहीं रही है । इस पर परियोजना अधिकारी गुरूर ने एक आदेश जारी कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को साड़ी न लेने पर वेतन काटने की धमकी दी जा रही है । जो कि अत्यंत निंदनीय व शर्मनाक है ।
ठाकुर ने कहा है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जो कि आज बहुत कम मानदेय में समाज की जो सेवा कर रही है,उनका यह योगदान सराहनीय है, उनके इस अपमान पर ठाकुर ने शासन से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर इस मामले में जो भी मां बहनो का अपमान करने दुस्साहस किया है,ऐसे अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए और
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को अच्छी क्वालिटी की साड़ी दी जाए, जिसे पहनने पर वो शर्मिंदा महसूस ना करें ।


