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मौतें नहीं रूकीं तो जनकल्याणकारी योजनाओं का मतलब नहीं-अजय
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 24 फरवरी। विधानसभा में मंगलवार को भाजपा सदस्यों ने रायपुर में सडक़ दुघर्टना रोकथाम के लिए कारगर रणनीति नहीं होने का आरोप लगाया, और परिवहन मंत्री केदार कश्यप को आड़े हाथों लिया। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने तो यहां तक कह दिया कि सडक़ दुघर्टनाओं से मृत्यु को नहीं रोक पाए,तो जनकल्याणकारी योजनाओं का कोई मतलब नहीं है।
प्रश्नकाल में भाजपा सदस्य सुनील सोनी के सवाल के लिखित जवाब में परिवहन मंत्री कश्यप ने बताया कि कि पिछले एक साल में सडक़ दुघर्टना में प्रदेश में 6898 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। भाजपा सदस्य ने रायपुर शहर में वाहन दुर्घटना का जिक्र किया, और दुर्घटना के मामले में देश के दस शहरों में शामिल हो गया है। उन्होंने दुर्घटना रोकने के लिए मास्टर प्लान को लेकर जानकारी चाही। इस पर परिवहन मंत्री ने कहा कि सडक़ दुघर्टना रोकथाम के लिए जागरूक करने का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में घायल लोगों के उपचार के लिए डेढ़ लाख का प्रावधान है।
भाजपा सदस्य ने मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए, और उन्होंने मास्टर प्लान को लेकर जानकारी चाही। इस पर परिवहन मंत्री ने कहा कि 19 चौक चौराहों को चिह्नित किया गया है और सुधार और निर्माण किया जा रहा है।
पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि जोगी सरकार के समय से दुर्घटना रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। प्राइस वाटर कूपर को काम दिया गया था। इस विषय पर नियम 139के तहत चर्चा हुई थी, और उस समय दिए गए आश्वासन को पूरा नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि दुर्घटना रोकने की रणनीति कागजी है और छत्तीसगढ़ के लोगों को मौत के मुंह में डालने की रणनीति है। उनके पूरक प्रश्न के उत्तर में परिवहन मंत्री ने बताया कि पूरे 167 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए थे और इनमें से 101 को ठीक कर दिया गया है। 66 को मुक्त करने की दिशा में काम चल रहा है। भाजपा सदस्य अनुज शर्मा के सवाल के जवाब में कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस परीक्षा की वीडियोग्राफी कराने पर विचार किया जाएगा।


