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हिदायतुल्ला विवि के दीक्षांत समारोह में सुप्रीम कोर्ट सीजे का उद्बोधन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 22 फरवरी। हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने विधि स्नातकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विधि पेशे में सहयोग, धैर्य और निष्पक्षता बहुत जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी प्रगति का मूल्यांकन महीनों में नहीं, बल्कि वर्षों और दशकों में करें।
समारोह में 6 शोधार्थियों को पीएचडी, 88 विधि स्नातकोत्तर और 148 विधि स्नातक की उपाधियाँ प्रदान की गईं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में ₹50 करोड़ की लागत से बनने वाले नए ऑडिटोरियम परिसर का शिलान्यास और नवस्थापित 'रिसर्च हब एंड स्पोक' ब्लॉक का उद्घाटन भी किया गया ।
चीफ जस्टिस ने कहा कि विधि पेशे में सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाए। उन्होंने कहा कि सहपाठियों और सहकर्मियों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता रखें।
चीफ जस्टिस ने कहा कि निरंतरता, परिश्रम और निष्पक्षता से स्थायी सम्मान पाएं। उन्होंने कहा कि अपनी प्रगति का मूल्यांकन वर्षों और दशकों में करें।


