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जावेद अख़्तर ने तालिबान को लेकर भारत के मौलवी-मुफ़्ती से क्या मांग की
22-Feb-2026 8:42 AM
जावेद अख़्तर ने तालिबान को लेकर भारत के मौलवी-मुफ़्ती से क्या मांग की

गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख़्तर ने भारत के मौलवियों-मुफ़्तियों से अपील की है कि वे अफ़ग़ानिस्तान-तालिबान के महिलाओं को लेकर दिए गए नए आदेश की निंदा करें.

जावेद अख़्तर ने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया, "तालिबान ने पतियों को पत्नी को मारने की इजाज़त दे दी है, लेकिन हड्डी टूटनी नहीं चाहिए. अगर पत्नी बिना पति की इजाज़त के अपने मायके चली जाए, तो उसे तीन महीने जेल में रखा जाएगा.

"मैं भारत के मुफ़्ती और मौलाना से गुज़ारिश करता हूं कि इसे बिना किसी शर्त के निंदा करें, क्योंकि ये सब उनके धर्म के नाम पर किया जा रहा है."

इसके बाद जावेद अख़्तर ने एक और पोस्ट में लिखा, "चाहे कोई भी राजनीतिक मजबूरी हो, जंगली और बेरहम तालिबान को हमें कोई मान्यता या इज़्ज़त नहीं देनी चाहिए. वे दुनिया के सबसे घटिया लोग हैं."

दरअसल, कुछ मीडिया रिपोर्टों में ये कहा गया है कि तालिबान की दंड संहिता में अब महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा को सामान्य बना दिया गया है. ख़बरों के मुताबिक, दंड संहिता के तहत 'पति अपनी पत्नी को अगर बिना हड्डी तोड़े मारता है तो उसे अपराध नहीं माना जाएगा.' जावेद अख़्तर का यह पोस्ट भी इन्हीं ख़बरों के संदर्भ में आया है. (bbc.com/hindi)


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