ताजा खबर
निगम को व्यावसायिक दर श्रेणी से बाहर रखे
रायपुर, 21 फरवरी। रायपुर नगर पालिक निगम जनसेवी संस्था है, जिसका उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं है. छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग रायपुर नगर पालिक निगम को व्यवसायिक दरों की श्रेणी से बाहर रखे। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग सलाहकार समिति की बैठक में यह सुझाव आयोग के समक्ष रखा।
चौबे ने कहा कि रायपुर नगर निगम एक जनसेवी संस्था है। इसलिए स्टीट लाईट, वाटर पम्प, सार्वजनिक शौचालय पर विद्युत पावर कम्पनी को कमर्शियल टेरिफ की दरें नहीं लगानी चाहिए। इस हेतु विद्युत विभाग को पब्लिक यूटिलिटी स्लेब बनाना चाहिए, जो डोमेस्टिक दर के समान हो। महापौर ने आयोग के समक्ष कहा कि दरों को 7.35 रू प्रति यूनिट के स्थान पर 5.10 रू. प्रति यूनिट किया जाना चाहिए।
महापौर ने कहा कि निगम को ग्रास सब्सिडाइजेशन श्रेणी में ना रखा जाये.कारण कि बिजली बिल अधिक आने के कारण नगर निगम रायपुर को आवश्यक मूलभूत नागरिक सेवा सफाई, पानी आदि के बजट में कटौती करनी पड़ रही है।
महापौर ने कहा कि नगर निगम को राहत मिलेगी, तो नगर निगम विद्युत की बचत कर पायेगा. 300 करोड़ रू का बिजली बिल और उस पर 50 करोड़ रू का सरचार्ज निगम को अंततः यूजर चार्ज और सम्पतिकर के रूप में ही जनता की जेब से वसूलना होगा, अतः निगम रायपुर को व्यवसायिक दर श्रेणी से बाहर रखे।


