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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 19 फरवरी। राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है। पार्टी के अंदरखाने में स्थानीय नेता को ही प्रत्याशी बनाए जाने की मांग उठने लगी है। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने भी स्पष्ट किया है कि स्थानीय पहली पसंद होनी चाहिए, हालांकि अंतिम निर्णय हाईकमान पर निर्भर करेगा।
राज्यसभा की रिक्त हो रही दो सीटों के लिए 26 फरवरी से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू होगी। विधानसभा के संख्याबल के आधार पर कांग्रेस और भाजपा को एक-एक सीट मिलना तय माना जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस के भीतर यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि इस बार बाहरी चेहरे के बजाय छत्तीसगढ़ से जुड़े नेता को मौका दिया जाए।
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने ‘छत्तीसगढ़’ से बातचीत में कहा कि स्थानीय नेता ही पहली पसंद होने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्याशी चयन को लेकर उनसे रायशुमारी की जाएगी तो वे अपनी स्पष्ट राय रखेंगे। सिंहदेव ने जोर देकर कहा कि राज्यसभा में ऐसा काबिल प्रतिनिधि भेजा जाना चाहिए जो छत्तीसगढ़ के मुद्दों को मजबूती से उठा सके।
खुद के संभावित उम्मीदवार बनने के सवाल पर सिंहदेव ने कहा कि उन्होंने इस बारे में अभी कोई विचार नहीं किया है।
बताया गया कि कांग्रेस में प्रदेश से वर्तमान में राज्यसभा सदस्य राजीव शुक्ला, केटीएस तुलसी और रंजीत रंजन हैं, जो प्रदेश के बाहर के हैं। इनमें से तुलसी और फूलोदेवी नेताम का कार्यकाल खत्म हो रहा है।
पार्टी के कुछ नेताओं ने पहले भी इस पर आपत्ति जताई थी और अब एक बार फिर स्थानीय प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाने की तैयारी की जा रही है।
राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में यह अंदरूनी बहस आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत हैं।
कांग्रेस ने भारी बहुमत को हथियार बनाकर बाहर के नेताओं को भेजा था
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने प्रदेश के बाहर से नेताओं को राज्यसभा में भेजे जाने पर कहा कि कांग्रेस ने पिछली बार भारी बहुमत को हथियार बनाकर प्रदेश के बाहर के नेताओं को राज्यसभा में भेजा था और छत्तीसगढिय़ा वाद की बात करते रहे।


