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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 19 फरवरी । संयुक्त किसान मोर्चा छत्तीसगढ़ की एक बैठक कलेक्टोरेट गार्डन रायपुर में हुई। इसमें घटक संगठनों के जनकलाल ठाकुर, तेजराम विद्रोही, सौरा यादव, उमप्रकाश ओझा, गौतम बंधयोंपाध्याय, हेमंत टंडन, गैदसिंह ठाकुर, रमाकांत बंजारे, कल्याण पटेल, श्याम मुरत कौशिक, घनाराम साहू, प्रेमलाल साहू, योगेंद्र साहू, पवन सक्सेना, साहू, पारसनाथ साहू, राजकुमार गुप्ता, उत्तम चंद्राकर, लोकनाथ नायक, ढालेश साहू एवं सदस्य शामिल हुए।
बैठक में लिए गए निर्णयों के संबंध में मोर्चा छत्तीसगढ़ के संयोजक सदस्य एवं भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही ने बताया कि
अमेरिका-भारत व्यापार समझौता किसान विरोधी कदम है। इससे सस्ती विदेशी उपज से भारतीय किसान तबाह होंगे।
इसी तरह से डेयरी सेक्टर पर सीधा हमला होगा।यह एमएसपी और खाद्य सुरक्षा पर खतरनाक है
उन्होंने कहा कि इससे बीज और कॉर्पोरेट नियंत्रण होगा ।इसलिए यह समझौता केवल व्यापार का मामला नहीं है बल्कि यह किसान की आय, ग्रामीण रोजगार, खाद्य सुरक्षा, राष्ट्रीय आर्थिक स्वायत्तता का प्रश्न है।
छत्तीसगढ़ के संदर्भ में चर्चा कर निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़ के किसानों को केंद्र द्वारा वृद्धि की गई न्यूनतम समर्थन मूल्य में हुए बढ़ोतरी के साथ धान पर 3286 रूपये प्रति क्विंटल की दर से अंतर की राशि मिलनी चाहिए, पिछले सरकार का एक किस्त बकाया किसानों को मिले और न्यूनतम समर्थन मूल्य की सी- 2 +50% के साथ कानूनी गारंटी लागू होनी चाहिए।
विद्रोही ने बताया कि भारत अमेरिका ट्रेड डील के विषय पर 27 फरवरी को राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मुलाक़ात कर किसानों की चिंता से अवगत कराएंगे ताकि भारत सरकार डील पर हस्ताक्षर न करे।
09 मार्च को इस संबंध में ग्राम स्तर पर अभियान चलाया जायेगा और अप्रैल में व्यापक कन्वेंशन आयोजित की जाएगी जिसमें राष्ट्रीय स्तर से कृषि विशेषज्ञ और संयुक्त किसान मोर्चा के नेता शामिल होंगे।


