ताजा खबर
ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव ने दी जानकारी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 19 फरवरी। प्रदेश को आने वाले समय में देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की कार्ययोजना बनाई गई है। इस कड़ी में 32 हजार मेगावॉट के बिजली घर स्थापना के लिए करीब सवा तीन लाख करोड़ से अधिक के एमओयू किए गए हैं। यह जानकारी ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव ने दी।
डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में बताया कि प्रदेश को आने वाले वर्षों में देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की बड़ी कार्ययोजना बनाई गई है। जिसके अनुसार छत्तीसगढ़ पॉवर जनरेशन कंपनी, राष्ट्रीय सावर्जनिक उपक्रमों और अन्य स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादकों के सहयोग से 32 हजार 100 मेगावॉट बिजली घर लगाने के लिए एमओयू किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बिजली परियोजनाओं में थर्मल पॉवर के लिए 12 हजार 100 मेगावॉट, न्यूक्लियर पॉवर संयंत्र के लिए 4 हजार 200 मेगावॉट, सौर ऊर्जा की 2 हजार 500 मेगावॉट, पंप स्टोरेज परियोजना के लिए 13 हजार 300 मेगावॉट के पारंपरिक परियोजनाओं को मिलाकर 3 लाख 40 हजार करोड़ के निवेश के लिए एमओयू हुए हैं। इनमें भारत सरकार के उपक्रम एनटीपीसी, सतलज जल विद्युत निगम, टिहरी जल विद्युत निगम, छत्तीसगढ़ पॉवर कंपनी के अलावा अडानी, जिंदल और रिन्यु विद्युत तेज प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
ऊर्जा सचिव ने बताया कि प्रदेश में विद्युत उत्पादन क्षमता को दोगुना करने और तद्नुरूप पारेषण और वितरण अधोसंरचना विकसित करने की योजना है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी, एनटीपीसी तथा निजी उत्पादकों को मिला कर 30 हजार 671.7 मेगावाट स्थापित क्षमता है।
उन्होंने बताया कि लगभग 2 हजार मेगावाट क्षमता की नवीकरणीय विद्युत परियोजनाओं के विकास हेतु एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड एवं राज्य की उत्पादन कंपनी के मध्य संयुक्त उपक्रम कंपनी का गठन किया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा 660-660 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल ताप विद्युत उत्पादन इकाईयां कोरबा पश्चिम में स्थापित करने की दिशा में कार्य प्रगति में है। 800 मेगावाट की एक सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन इकाई मड़वा में स्थापित करने की पहल की जा रही है।
प्रमुख योजनाएं-
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना 2026-27 तक 1,30,000 घरों में सोलर पैनल लगाए जाएंगे। धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान 6,863 बसाहटों के 65,711 घरों में बिजली कनेक्शन देने की योजना है। डॉ. खूबचंद बघेल किसान विद्युत सहायता योजना अनुसूचित जाति-जनजाति किसानों को पूर्णत: नि:शुल्क बिजली और अन्य सामान्य वर्ग के किसानों को खपत आधारित व फ्लैट रेट पर रियायती दर पर बिजली प्रदाय के लिए।
डॉ. यादव ने बताया कि बीपीएल कनेक्शनों को नि:शुल्क बिजली 30 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन-अभियान (एम-ऊर्जा) घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 400 यूनिट तक की विद्युत खपत पर प्रथम 200 यूनिट में बिल की राशि में 50 प्रतिशत की छूट जारी है। इसके अलावा नियद नेल्लानार योजना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कैंपों के निकट विद्युतीकरण किया जा रहा है।


