ताजा खबर

बिजली दर बढ़ाने की तैयारी पर भड़के उद्योगपति
18-Feb-2026 12:35 PM
बिजली दर बढ़ाने की तैयारी पर भड़के उद्योगपति

कहा- 7-7 घंटे कटौती कर रहे, अब फिर रेट बढ़ाएंगे?

तिफरा में हुई जनसुनवाई, किसानों और व्यापारियों ने जताई कड़ी आपत्ति
'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 18 फरवरी। बिजली दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर मंगलवार को तिफरा स्थित कार्यपालन निदेशक कार्यालय में जनसुनवाई हुई। बिजली विनियामक आयोग ने वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक की दरें तय करने के लिए आम जनता और उद्योग जगत से सुझाव मांगे। लेकिन सुनवाई के दौरान व्यापारियों और किसानों का गुस्सा खुलकर सामने आया।

छत्तीसगढ़ लघु एवं सहायक उद्योग संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरीश केडिया ने कहा कि उद्योगों को घटिया और अस्थिर बिजली मिल रही है। मेंटेनेंस और पेड़ कटाई के नाम पर रोज 6-7 घंटे बिजली बंद कर दी जाती है। दिन में कई बार ट्रिपिंग होती है, जिससे उत्पादन ठप हो जाता है।

उन्होंने कहा कि जब सही ढंग से बिजली ही नहीं दे पा रहे, तो दर बढ़ाने की बात कैसे की जा सकती है? अगर दरें बढ़ाईं गईं तो उद्योग जगत के लोग सड़क पर उतरेंगे।

केडिया ने कहा कि प्रदेश में करीब 10 लाख छोटे उद्योग हैं, जो हर महीने मिलकर एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बिजली बिल जमा करते हैं। इसके बावजूद उन्हें भरोसेमंद आपूर्ति नहीं मिल रही।

जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष सतीश शाह और महासचिव शरद सक्सेना ने भी दर वृद्धि के प्रस्ताव का विरोध किया।

जनसुनवाई में किसानों ने भी बिजली की अनियमित सप्लाई और बढ़ते खर्च का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि पहले ही लागत बढ़ रही है, ऐसे में बिजली महंगी हुई तो खेती करना और मुश्किल हो जाएगा।

इस बार आयोग ने दूरदराज के इलाकों के उपभोक्ताओं के लिए ऑनलाइन सुनवाई की सुविधा भी दी। मुंगेली, कोरबा और जीपीएम जिले के लोगों ने भी अपनी बात रखी। आम उपभोक्ताओं ने बढ़ती महंगाई के बीच बिजली बिल का बोझ कम करने की मांग की।

बिजली विभाग के कार्यपालन निदेशक ए.के. अम्बष्ट ने कहा कि यह दर निर्धारण की वैधानिक प्रक्रिया है। जनसुनवाई में सभी पक्षों की आपत्तियां और सुझाव सुने गए हैं। अंतिम निर्णय नियमों के तहत लिया जाएगा।


अन्य पोस्ट