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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
अंबिकापुर,17 फरवरी । सरगुजा जिले के बिशुनपुर स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी से बीती रात 15 अपचारी बालक फरार हो गए। फरार होने के दौरान अपचारी बालकों ने ड्यूटी पर तैनात गार्ड पर हमला किया और परिसर की दीवार फांदकर भाग निकले। घटना गांधीनगर थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच अपचारी बालकों को पकड़ लिया है, जबकि दस अभी भी फरार हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गंभीर अपराधों में निरुद्ध अपचारी बालकों के लिए संचालित प्लेस ऑफ सेफ्टी की क्षमता 25 बालकों की है, लेकिन घटना के समय वहां 36 अपचारी बालक निरुद्ध थे। जिनमें से कुछ बालकों की उम्र 18 वर्ष से अधिक हो चुकी है, फिर भी उन्हें वहां रखा गया है।
बीती रात करीब 9 बजे भोजन के बाद बालकों को वार्ड के भीतर ले जाया जा रहा था, तभी अचानक उन्होंने गार्ड पर हमला कर दिया और मौका पाकर दीवार फांदकर फरार हो गए।
प्लेस ऑफ सेफ्टी के प्रभारी हाउस फादर भानु प्रताप ने बताया कि उस समय तीन गार्ड ड्यूटी पर थे। एक गार्ड पर हमला होने के बाद जब तक अन्य दो गार्ड मौके पर पहुंचे, तब तक 15 बालक फरार हो चुके थे।
घटना की सूचना मिलते ही अधीक्षक ने गांधीनगर पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने देर रात ही तलाश अभियान शुरू किया और तीन अपचारी बालकों को पकड़ लिया। वहीं दो बालक स्वयं वापस प्लेस ऑफ सेफ्टी लौट आए। शेष दस बालकों की तलाश जारी है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
बताया जा रहा है कि फरार हुए अधिकांश अपचारी बालक कोरिया, सूरजपुर और सरगुजा जिले के निवासी हैं। प्लेस ऑफ सेफ्टी में 14 से 18 वर्ष से कम उम्र के ऐसे किशोरों को रखा जाता है जो हत्या, चोरी, रेप जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त रहे हों। 18 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें केंद्रीय जेल भेज दिया जाता है।
गौरतलब है कि इससे पहले बाल संरक्षण गृह से अपचारी बालकों के फरार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्लेस ऑफ सेफ्टी से फरार होने का यह पहला मामला बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
3 बालकों को बिलासपुर शहर में ट्रेस किए जाने की खबर
बताया जा रहा है कि फरार बालकों में 3 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में ट्रेस किया गया है, जिन्हें लेने टीम रवाना हो गई है, वहीं बाकी की तलाश में पुलिस की टीम लगी हुई है।


