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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान उनकी पार्टी के समर्थकों के नाम बड़ी संख्या में हटाए गए. उन्होंने इस मामले में निर्वाचन आयोग से दख़ल देने की मांग की.
अखिलेश यादव ने प्रेस वार्ता में कहा, "आंकड़े ग़लत नहीं बोल रहे, ये तो उन्हीं का डेटा है. आंकड़ों से स्पष्ट है कि पीडीए के वोटों की ही डकैती है. वोटों को लक्षित करते हुए काटा गया है, यह तय किया गया कि इस बूथ पर यह वोट कटवाना ही है."
"इससे स्पष्ट है कि बैकग्राउंड में ऐसे लोग हैं जिनसे यह डेटा साझा किया जा रहा है. डेटा शेयर हो रहा है, इसीलिए वोटों को टारगेट कर पा रहे हैं."
उन्होंने कहा, "जब चुनाव आयोग ने एसआईआर की प्रक्रिया शुरू की थी, तब कहा था कि बीएलओ गांव-गांव जाकर सत्यापन करेंगे और ग़लत वोट हटाएंगे. ड्राफ्ट रोल में 49 हज़ार वोट फ़ॉर्म-7 के ज़रिए बीएलओ की ओर से हटाए गए."
उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि ये 49 हज़ार वोट भी बीजेपी की जीत के लिए नाकाफ़ी थे, इसलिए ऐसी व्यवस्था कर दी गई कि फॉर्म-7 सिर्फ़ बीएलओ नहीं बल्कि कोई भी भर सकता है.
अखिलेश यादव ने कहा, "बीएलओ की ओर से हटाए गए वोटों से तीन गुना अधिक वोट अज्ञात लोगों ने फ़ॉर्म-7 जमा कर कटवा दिए हैं."
उन्होंने पूछा कि ये अज्ञात लोग कौन हैं, इसमें बहुत सारे नकली साइन भी हैं. (bbc.com/hindi)


