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कोलकाता, 10 फरवरी। आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक अख्तर अली ने मंगलवार को यहां एक विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और उन्हें 17 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बीमारी का हवाला देकर जमानत देने का अनुरोध भी अदालत ने खारिज कर दिया।
सरकारी अस्पताल के पूर्व अधिकारी अली ने अलीपुर में सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इसी अस्पताल में अगस्त 2024 में एक स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद देशभर में आक्रोश फैल गया था।
सीबीआई ने अली की जमानत याचिका का विरोध किया और उनकी हिरासत की मांग की। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद अली को 17 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
इस विशेष अदालत ने अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं के मामले के संबंध में छह फरवरी को अली के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इससे पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अली की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
अली के वकील ने दावा किया है कि उनके मुवक्किल अस्पताल में कथित भ्रष्टाचार का खुलासा करने में शामिल रहे हैं, इसलिए कुछ स्वार्थी तत्व उन्हें निशाना बना रहे हैं।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन उपाधीक्षक (गैर-चिकित्सा) पर संबंधित अवधि के दौरान निविदा प्रक्रिया में अनियमितताओं में लिप्त होने का आरोप लगाया है।
अली ने तत्कालीन प्राचार्य संदीप घोष के कार्यकाल के दौरान आर जी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में वित्तीय अनियमितताएं बरते जाने का आरोप लगाया था। उनकी याचिका पर उच्च न्यायालय ने कथित भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। यह याचिका आर जी कर बलात्कार-हत्याकांड के बाद दायर की गई थी।
सीबीआई ने अस्पताल में कथित अनियमितताओं को लेकर घोष एवं दो अन्य को गिरफ्तार किया था।
केंद्रीय जांच एजेंसी का दावा है कि अली उस समय निविदा प्रक्रिया की देखरेख कर रहे थे और कुछ विक्रेताओं को ठेके देने के बदले पैसे ले रहे थे।
इसका कहना है कि याचिकाकर्ता की स्थिति मुख्य आरोपी संदीप घोष के समान है, जो लगभग डेढ़ साल से हिरासत में है।
सीबीआई ने कथित वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा करने में शामिल होने के अली के दावे को भी गलत बताया।
इसने उच्च न्यायालय के समक्ष यह भी दावा किया था कि अली ने सह-आरोपी से मतभेद होने के बाद ही घोष के खिलाफ शिकायतें करना शुरू किया था। (भाषा)


