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रायपुर, 7 फरवरी। ऑनलाइन फाइनेंस और प्री अप्रूव्ड लोन की आड़ में एमजी रोड चौपाटी के व्यवसायियों से लाखों की ठगी, करने वाले 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया। इसके खिलाफ दौलत कुशवाहा ने 3.84 लाख रुपए का लोन अपने नाम ट्रांसफर करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रायपुर कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन अंतर्गत MG रोड क्षेत्र में ठेले लगाने वाले एवं छोटे व्यवसायियों को निशाना बनाकर ऑनलाइन फाइनेंस एप्लीकेशनों के माध्यम से प्री अप्रूव्ड लोन का अनचाहा एक्सेस कर सुनियोजित तरीके से लाखों रुपये की ठगी करने वाले युवक को मौदहापारा पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी का नाम मुदित पाठे उर्फ कृष पवार, 19 निवासी बाजार चौक, छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश) है। आरोपी दसवीं पास है तथा पढ़ाई छोड़ने के बाद फाइनेंस सेक्टर में कार्य करने की इच्छा लेकर रायपुर आया था। आरोपी के बताए अनुसार, वह रायपुर के गुढियारी क्षेत्र में पहले किराए से रहा फिर डोरमेट्री में ठहरकर ठेले वालों एवं छोटे व्यापारियों से धीरे-धीरे मेलजोल बढ़ाता था। विभिन्न ऑनलाइन फाइनेंस, कैशबैक एवं इन्वेस्टमेंट ऐप्स से बेस्ट कैशबैक, प्रोमो कोड एवं रेफरल कोड की जानकारी प्राप्त कर वह प्रारंभ में पीड़ितों को वास्तविक लाभ दिलवाता था, जिससे उनका विश्वास अर्जित हो सके।
आरोपी के कथनानुसार, विश्वास कायम होने के बाद उसे पीड़ितों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल फोन एवं अन्य व्यक्तिगत दस्तावेजों तक पहुंच मिली। प्रारंभिक चरण में वह लोन प्रक्रिया में सहायता कर प्रोसेसिंग फीस माफ होने जैसे लाभ दिलवाने की बात कर पीड़ितों की आवश्यकता में मदद करता रहा, जिससे पीड़ितों को किसी प्रकार का संदेह न हो।
इसके पश्चात उसने विभिन्न फाइनेंस एप्लीकेशनों के माध्यम से पीड़ितों के नाम पर प्री-अप्रूव्ड लोन स्वीकृत कराए तथा प्राप्त राशि को अपने ऑनलाइन वॉलेट एवं अन्य खातों में चैनलाइज किया गया।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके पिता पूर्व में इंश्योरेंस क्षेत्र में कार्यरत थे तथा कोरोना काल के बाद आर्थिक रूप से कमजोर हो गए थे। इसके बाद आरोपी ने दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी और ऑनलाइन ऐप्स व पोर्टल के माध्यम से फाइनेंस एवं निवेश से संबंधित जानकारी हासिल की। आरोपी के बताए अनुसार, उसका उद्देश्य ठगी से एकत्र की गई राशि से अपने शहर में मोबाइल दुकान स्थापित करना था।
प्रकरण संज्ञान में आते ही डीसीपी सेंट्रल जोन उमेश प्रसाद गुप्ता और एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल ने स्वयं साक्षियों, आवेदकों और आरोपी से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए मामले में मार्गदर्शन दिया एवं निरीक्षक मुकेश शर्मा के नेतृत्व में मौदहापारा पुलिस ने आरोपी को ट्रेन से फरार होने से ठीक पहले गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि आरोपी एक दर्जन से अधिक फाइनेंस एवं इन्वेस्टमेंट एप्लीकेशनों का उपयोग कर रहा था। एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा के सुपरविजन में प्रकरण में अब तक आरोपी युवक से दर्जनभर बैंक कार्ड्स क्रेडिट कार्ड, पासबुक , चेकबुक तथा मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं जिनमें आरोपी द्वारा ठगी के पैसों को विभिन्न वॉलेट के जरिए चैनलाइज किया गया था। वर्तमान में मौदहापारा पुलिस द्वारा आरोपी के ऑनलाइन वॉलेट, बैंक खातों, मोबाइल फोन एवं संबंधित एप्लीकेशनों की विस्तृत जांच की जा रही है तथा अन्य मामलों में उसकी संलिप्तता की संभावना को लेकर भी विवेचना जारी है।


