ताजा खबर

हाथरस मानहानि मामले में राहुल गांधी के खिलाफ अगली सुनवाई 16 मार्च को
07-Feb-2026 8:15 PM
हाथरस मानहानि मामले में राहुल गांधी के खिलाफ अगली सुनवाई 16 मार्च को

हाथरस, 7 फरवरी। उत्तर प्रदेश में हाथरस की एक विशेष अदालत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल मानहानि के एक मामले की अगली सुनवाई की तारीख 16 मार्च तय की है। एक अधिवक्ता ने शनिवार को यह जानकारी दी।

सांसद-विधायक अदालत के न्यायाधीश दीपक नाथ सरस्वती की अदालत में दाखिल शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ‘हाथरस सामूहिक बलात्कार’ मामले में आरोपियों के रूप में तीन युवकों का जिक्र करके मानहानिकारक टिप्पणी की, जबकि उन्हें बलात्कार के आरोपों से बरी कर दिया गया था। इस मामले में शनिवार को सुनवाई थी।

इस मामले में आज राहुल गांधी की ओर से लखनऊ व दिल्ली के पांच अधिवक्ताओं का एक दल हाथरस आया। उन्होंने मामले में आपत्ति दाखिल करने के लिए परिवाद पत्र तथा साक्ष्य दिलाने की पेशकश अदालत में की। अदालत ने परिवादी के वकील से उन्हें यह दस्तावेज दिला दिए हैं। अब इस मामले में 16 मार्च को राहुल गांधी की ओर से आपत्ति प्रस्तुत की जाएगी।

इस मामले में आज की तारीख के बाद प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंढीर ने यह जानकारी दी और यह भीबताया कि पांच अधिवक्ताओं में एक उच्चतम न्यायालय से और चार उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ से आए थे।

वर्ष 2020 के हाथरस सामूहिक बलात्कार मामले में बरी किए गए रवि, राम कुमार उर्फ रामू और लवकुश की ओर से राहुल गांधी के खिलाफ तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे।

गांधी ने कथित तौर पर 12 दिसंबर, 2024 को बुलगढ़ी गांव में कहा था, ‘‘आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि पीड़िता का परिवार घर के अंदर बंद है।’’

अधिवक्ता ने बताया कि यह टिप्पणी उन युवकों के लिए ‘मानहानि करने वाली और अपमानजनक’ थी, जिन्हें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अदालत ने ढाई साल जेल में बिताने के बाद बरी कर दिया था।

पुंढीर ने कहा, ‘‘राहुल गांधी को डेढ़ करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति का कानूनी नोटिस भेजा गया था, जिसमें तीनों बरी किए गए लोगों के लिए 50-50 लाख रुपये की मांग की गई थी।’’

उन्होंने कहा कि गांधी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद शिकायत दर्ज कराई गई।

सितंबर 2020 में हाथरस की एक दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया था। बाद में दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद लड़की के गांव के चार लोगों- राम कुमार, लवकुश, रवि और संदीप पर अपराध करने का आरोप लगाया गया था। पुंढीर ने कहा कि सीबीआई जांच और मुकदमे के बाद, केवल संदीप ही गैर इरादतन हत्या और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने के बाद जेल में है। (भाषा)


अन्य पोस्ट