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इंदौर में दूषित पेयजल से 33वीं मौत का दावा, 70 वर्षीय व्यक्ति ने तोड़ा दम
06-Feb-2026 8:26 PM
इंदौर में दूषित पेयजल से 33वीं मौत का दावा, 70 वर्षीय व्यक्ति ने तोड़ा दम

इंदौर (मध्यप्रदेश), 6 फरवरी। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में 70 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद उसके परिजनों ने शुक्रवार को कहा कि उसे दूषित पेयजल से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण जान गंवानी पड़ी है।

ताजा मामले को मिलाकर स्थानीय लोगों ने इस प्रकोप में अब तक कुल 33 लोगों की मौत का दावा किया है।

परिजनों के मुताबिक भागीरथपुरा में रहने वाले अलगूराम यादव (70) ने एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान बृहस्पतिवार रात आखिरी सांस ली। उनका शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया गया।

यादव की बहू चंद्रकला ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि उनके ससुर को दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त की समस्या के कारण नौ जनवरी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और लंबे इलाज के बावजूद चिकित्सक उनकी जान नहीं बचा सके।

उन्होंने बताया, "दूषित पेयजल के ही कारण मेरी सास उर्मिला यादव की 28 दिसंबर को मौत हो गई थी। दूषित पेयजल ने महज 40 दिन के भीतर हमसे हमारे दो बुजुर्ग परिजनों को छीन लिया है।’’

इस बीच, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने कहा कि अलगूराम यादव को लकवे की पुरानी बीमारी थी और उनकी दाहिनी जांघ की हड्डी भी टूटी हुई थी।

अधिकारियों ने बताया कि शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त का प्रकोप दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था।

उन्होंने बताया कि शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के विशेषज्ञों की एक समिति भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के प्रकोप दौरान मारे गए सभी लोगों का 'डेथ ऑडिट' (मौत के कारण की जांच) कर रही है।

राज्य सरकार ने इस समिति की रिपोर्ट मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में 27 जनवरी को पेश की थी। रिपोर्ट में संभावना जताई गई थी कि भागीरथपुरा में 16 लोगों की मौत का संबंध इस इलाके में दूषित पेयजल के कारण फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप से हो सकता है।

अदालत ने दूषित पेयजल मामले की न्यायिक जांच के लिए उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुशील कुमार गुप्ता की अगुवाई में एक सदस्यीय आयोग गठित किया है। (भाषा)


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