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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 4 फरवरी । श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल विश्वविद्यालय, भिलाई ने दिव्या पाठक को पत्रकारिता एवं जनसंचार विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की है। उन्होंने “ललित सुरजन की पत्रकारिता : एक अध्ययन” विषय पर अपना शोध कार्य पूर्ण किया। यह शोध कार्य उन्होंने डॉ. धनेश जोशी के निर्देशन में किया।
यह शोध मध्य भारत की पत्रकारिता में एक महत्वपूर्ण अकादमिक उपलब्धि मानी जा रही है। उल्लेखनीय है कि मध्य भारत में पहली बार किसी सक्रिय और प्रभावशाली पत्रकार के पत्रकारीय योगदान पर केंद्रित यह गहन शोध कार्य किया गया है। शोध में ललित सुरजन की पत्रकारिता दृष्टि, सामाजिक सरोकारों, सांस्कृतिक चेतना, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा जनपक्षधर पत्रकारिता के विविध आयामों का विस्तार से विश्लेषण किया गया है।
ललित सुरजन छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता के एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहे हैं। वे प्रतिष्ठित समाचार पत्र देशबंधु के संपादक रहे और उन्होंने अपने लेखन व संपादन के माध्यम से जनहित, सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक चेतना तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को निरंतर स्वर दिया। उनकी पत्रकारिता केवल समाचार संप्रेषण तक सीमित न रहकर समाज को दिशा देने वाली पत्रकारिता के रूप में स्थापित हुई।
दिव्या पाठक के इस शोध कार्य से न केवल ललित सुरजन के योगदान का अकादमिक मूल्यांकन संभव हुआ है, बल्कि छत्तीसगढ़ और मध्य भारत की पत्रकारिता पर आगे होने वाले शोध के लिए भी एक ठोस आधार तैयार हुआ है। यह शोध पत्रकारिता के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और मीडिया अध्येताओं के लिए संदर्भ सामग्री के रूप में उपयोगी सिद्ध होगा।
पीएचडी उपाधि प्राप्त होने पर विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, शोधकर्ताओं, परिवारजनों एवं शुभचिंतकों ने दिव्या पाठक को बधाई दी है।


